नई दिल्लीः अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कैपिटल की सब्सिडरी रिलायंस एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (आरएसआरसीएल) को एक अच्छी खबर मिली है। दरअसल, रिलायंस एसेट ने नरेंद्र प्लास्टिक नाम की एक कंपनी के खिलाफ ऋण शोधन कार्यवाही शुरू करने की अपील की थी। इस अपील को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने खारिज कर दिया था। हालांकि, अब राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने कार्यवाही को मंजूरी दे दी है। एनसीएलटी ने रिलायंस एसेट मामले में एनसीएलटी के आदेश को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही एनसीएलटी को कंपनी के खिलाफ ऋण शोधन कार्यवाही शुरू करने का भी निर्देश दिया है। बता दें कि अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलटी के चेयरपर्सन न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने ये फैसला लिया है। इससे पहले एनसीएलटी ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि रिलायंस एसेट की याचिका को प्रावधानों के अनुरूप नहीं होने के कारण खारिज किया जा रहा है। पीठ का कहना था कि याचिका चूक के बाद निर्धारित तीन साल की अवधि के बाद दायर की गयी थी। हालांकि, रिलायंस एसेट ने फैसले को अपीलीय न्याधिकरण में चुनौती दी थी। उसकी दलील थी कि याचिका निर्धारित समयसीमा के भीतर दायर की गयी थी।
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण का बड़ा आदेश, अनिल अंबानी की कंपनी आरएसआरसीएल को मिलेगी राहत
