मुंबईः टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील ने 12 ट्रांसजेंडर को नौकरी दी है। यह सभी कर्मचारी इसके ओडिसा के कलिंग नगर प्लांट में काम करेंगे। इन्हें क्रेन ऑपरेटर की जिम्मेदारी दी जाएगी। टाटा ग्रुप की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी। टाटा ग्रुप दरअसल, ट्रांसजेंडर को नौकरी देकर उनके समुदाय को मजबूत करने की पहल कर रहा है। इससे पहले दिसंबर 2021 में टाटा स्टील के बोकारो डिवीजन में 14 ट्रांसजेंडर को नौकरी दी गई थी। इन्हें यहां प्लांट के खदान में हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी ऑपरेटर्स का जिम्मा दिया गया था। कंपनी की ओर से जारी प्रेस बयान के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य ट्रांसजेंडर्स को मुख्य धारा में लाना है। हमारा उद्देश्य लेस्बियन, गे, बाय-सेक्सुअल, ट्रांसजेंडर व क्वीर के लिए समाज में फैली रुढ़िवादिता को तोड़ना है। टाटा स्टील के डाइवर्सिटी और इन्क्लूजन पहल का उद्देश्य वर्तमान वर्कप्लेस पर सभी को सम्मान देने का है। सभी की आवाज सुनी जाए और उन्हें उनकी जिम्मेदारी दी जाए। कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट (ह्यूमन रिसोर्स) अत्रेयी सान्याल का कहना है कि मुझे टाटा परिवार में सभी का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। हम अपने ऑपरेशन क्षेत्र में एलजीबीटीक्यू कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और उनके लिए उपयुक्त कार्यस्थल तैयार करने में बेंचमार्क स्थापित करने की दिशा में अपने प्रयास जारी रखेंगे। कंपनी ने कहा कि हम लगातार ट्रांसजेंडर्स के लिए एक बेंचमार्क वर्कप्लेस को तैयार करेंगे। इन सभी को एक साल के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। उसके बाद ये क्रेन ऑपरेटर्स का काम करेंगे। कंपनी इन कर्मचारियों को भी सभी तरह की सुविधाएं देगी। टाटा स्टील ने 2025 तक कुल कर्मचारियों का 25 फीसदी हिस्सा अलग वर्कफोर्स के रूप में रखने का उद्देश्य तय किया है।
टाटा स्टील ने 12 ट्रांसजेंडर को दी नौकरी, कलिंग नगर प्लांट में क्रेन ऑपरेटर का करेंगे काम
