आजकल नकली नोटों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में कई बार लोग असली-नकली नोट की पहचान नहीं कर पाते हैं, तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कैसे आप कर सकते हैं असली-नकली नोटों की पहचान। जी दरअसल कुछ समय पहले आरबीआई ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया था कि वर्ष 2020-21 में 5.45 करोड़ रुपए से ज्यादा के नकली नोट पकड़े गए हैं। वहीं इस रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल 2,08,625 नकली नोट पकड़े गए थे। आपको हम यह भी बता दें कि इनमें सबसे अधिक 100 रुपए के नोट हैं। - 100 रुपए के असली नए नोट की पहचान करने का पहला तरीका यह है कि असली नोट पर सामने वाले दोनों हिस्से पर देवनागरी में 100 लिखा है। जी हां और इसके अलावा नोट के बीच में महात्मा गांधी की फोटो लगी है। इसी के साथ ही 100 रुपए के असली नोट पर आरबीआई, भारत, और 100 छोटे अक्षरों में लिखा है। आपको बता दें कि 100 रुपए या उससे अधिक मूल्य वाले नोट पर महात्मा गांधी का चित्र, रिजर्व बैंक की सील, गारंटी और प्रॉमिस क्लॉज, अशोक स्तंभ, आरबीआई गवर्नर के हस्ताक्षर और दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए आइडेंटिफिकेशन मार्क इंटैग्लियो में प्रिंटेड होते हैं।
- बात करें 200, 500 और 2000 रुपए के नोट के बारे में तो इन पर यह मूल्य एक रंग बदलने वाली स्याही से लिखा होता है। जब नोट को समतल रखा जाता है तो इन अंकों का रंग हरा दिखाई देता है, लेकिन जब इन्हें थोड़ा घुमाया जाए तो यह नीले रंग में बदल जाता है। - इसके अलावा नोट को किसी लाइट के सामने रखने पर यहां 500 लिखा हुआ दिखता है। इस दौरान आंख के सामने 45 डिग्री के एंगल पर नोट रखेंगे तो यहां 500 लिखा दिखेगा। जी हां और यहां पर देवनागरी में 500 लिखा होता है। वहीं पुराने नोट से तुलना करें तो महात्मा गांधी की तस्वीर का ओरिएंटेशन और पोजिशन थोड़ा अलग है। जी दरअसल इस नोट को हल्का मोड़ेंगे तो सिक्योरिटी थ्रीड का कलर हरा से नीला हो जाता है। वहीं पुराने नोट की तुलना में गवर्नर के सिग्नेचर, गारंटी क्लॉज, प्रॉमिस क्लॉज और आरबीआई का लोगो दाहिनी तरफ शिफ्ट हो गया है। यहां महात्मा गांधी की तस्वीर है और इलेक्ट्रोटाइप वाटरमार्क भी है। - आपको बता दें कि 500 के नोट की छपाई का साल लिखा हुआ है। सेंटर की तरफ लैंग्वेज पैनल है। स्लोगन के साथ स्वच्छ भारत का लोगो मुद्रित है।
- इसी के साथ बैंक के 10, 20, और 50 मूल्यवर्ग के नोट पर फ्रंट साइड में सिल्वर रंग की मशीन रिडेबल सुरक्षा धागा होता है। यह सिक्योरिटी धागा अल्ट्रावायलेट प्रकाश में रखने पर पीले रंग का प्रतीत होता है। लाइट के विपरीत रखने पर यह एक सीधी रेखा में दिखता है।