अपनी ग्राम पंचायत में सरकारी योजनाओं का सही से क्रियानवयन करने वाले इस सरपंच के कार्यों की चर्चा देश के साथ-साथ विदेशों में भी हो रही है। यहां बेटी के जन्म पर 111 पौधे लगाने के साथ ही 21 हजार रुपए बीस साल के लिए उस बेटी के खाते में जमा किए जाते हैं। राजस्थान के राजसमंद जिले से 10 किलोमीटर दूर पिपलांत्री ग्राम पंचायत आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है। इस गांव के पूर्व सरपंच श्याम सुन्दर पालीवाल (50 वर्ष) ने अपने पांच वर्षीय कार्यकाल (2005-2010) में अपनी 16 वर्षीय बेटी किरण की पुण्यतिथि पर ‘किरण निधी योजना’ की शुरुआत की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य था कि गांव में हर बेटी के जन्म पर 111 पौधे लगाए जाएंगे। इस योजना के तहत अब तक इस ग्राम पंचायत में तीन लाख से ज्यादा पौधे लग चुके हैं। ग्राम पंचायत के उत्कृृष्ट कार्यों को देखते हुए बेटियों की 12वीं तक की शिक्षा के लिए सितंबर माह में यूनियन बैंक ने 60 लाख रुपए दिए हैं, जिससे बेटियों की शिक्षा और सुविधाओं में किसी तरह की कोई रूकावट न आए। भिखारियों की जिंदगी में कभी झांककर देखा है ? इस गांव की हर बेटी जाती है स्कूल श्याम सुन्दर पालीवाल गांव कनेक्शन को फोन पर बताते हैं, ग्राम पंचायत में बेटी, पानी, पेड़, गांव की सामूहिक जमीन, चारागाह, वन्य जीवों को बचाने के लिए अपने कार्यकाल में एक मुहिम की शुरुआत की थी, जिसके परिणाम आज देखने को मिल रहे हैं, गांव में कन्या भ्रूण हत्या रुक गई है, गांव की हर बेटी पढ़ रही है। बाल–विवाह रुक गया है। उन्होंने कहा कि गांव का व्यक्ति पलायन न करे, लोगों को बंधुआ मजदूरी से छुटकारा मिले इसके लिए गांव में ही लगभग 25 लाख एलोवीरा के पौधे लगाए गए हैं जिससे गांव की महिलाएं जूस, शैंपू, जैल बनाकर रोजगार कर रही हैं और अपना खर्चा चला रही हैं, खेती को बढ़ावा दिया जिससे किसानो को मजदूरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ता है। राजस्थान की लगभग साढ़े नौ हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतों में पिपलांत्री गांव के माडल को अपनाया जा रहा है। कभी बंजर दिखने वाला राजस्थान आज हर-भरा दिख रहा है। यहां की ग्राम पंचायतों में लाखों की संख्या में पौधे लगाए जा चुके हैं।
इस गांव में बेटी के जन्म पर लगाए जाते हैं 111 पौधे