भारत विविधताओं का देश है। आज भी देश में ऐसी कई जगहें हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक आपको ऐसी-ऐसी जगहें देखने को मिलेंगी जो हैरान करती हैं। गोवा के बीच, शिमला की टॉय ट्रेन, राजस्थान के किले, ताजमहल, कश्मीर की वादियां, दक्षिण में मंदिरों की कलाकृतियां जैसी अनेकों ऐसी चीजें हैं जिन्हें देखने के लिए देश ही नहीं विदेश से भी पर्यटकों का आना लगा रहता है। इसी कड़ी में आपको आज ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं। इस जगह के बारे में खुद देश के बड़े उद्योगपतियों में शामिल आनंद महिंद्रा ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के जरिए बताया है। उन्होंने अपनी इस पोस्ट में भारत की सबसे अंतिम दुकान के बारे में जानकारी शेयर की है। वैसे तो देश में हर गांव-शहर की गली में छोटी-बड़ी दुकानें देखने को मिल जाएंगी, लेकिन भारत की अंतिम दुकान के बारे में जानना बेहद ही हैरान करने वाला है। आइए जानते हैं भारत की अंतिम दुकान के बारे में...उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में भारत की अंतिम दुकान है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस दुकान का नाम ही ‘हिंदुस्तान की अंतिम दुकान’ है। चमोली जिले में एक गांव है माणा जो चीन की सीमा के बेहद ही करीब है। इसी गांव में यह दुकान है। इसके बाद भारत देश की सीमा समाप्त हो जाती है। चंदेह सिंह बड़वाल ने माणा गांव में 25 साल पहले इस दुकान को खोली थी। इसके बाद जैसे-जैसे इस दुकान के बारे में लोग जानने लगे ये पूरे देश में प्रसिद्ध हो गई। उत्तराखंड में यदि कोई भी पर्यटक घूमने आता है वो इस दुकान को देखने जरूर आता है। ये दुकान अपनी चाय और मैगी के लिए जानी जाती है। जी हां, इस दुकान में इलाके की बेस्ट चाय और स्वादिष्ट मैगी खाने को मिलती है। यहां आने वाले पर्यटक चाय और मैगी तो खाते ही हैं साथ ही सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट भी करते हैं। आनंद महिंद्रा ने ट्वीट करते हुए इस दुकान पर चाय पीने की अच्छा जाहिर की है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, क्या यहां चाय पीना अमूल्य नहीं होगा? आपको जानकर हैरानी होगी कि इस गांव का अपना एक अलग धार्मिक महत्व भी है। पहले इस गांव का नाम मणिभद्रपुरम था। लोगों का ऐसा कहना है कि इस गांव का महाभारत से संबंध है। मान्यता है कि इस गांव से ही पांडवों ने स्वर्ग के लिए प्रस्थान किया था। इसी जगह से स्वर्ग के लिए रास्ता जाता है।