राजनांदगांव के रानीसागर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए पीडब्ल्यूडी द्वारा 84 वृक्षों चिन्हांकित कर उन्हें काटने के लिए एसडीएम से अनुमति मांगी गई। पेड़ों की कटाई की खबर को लेकर नगरवासियों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए निराशाजनक है एवं जिसे लेकर लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि प्रकृति का संतुलन पेड़ों से है और हमें पेड़ों से जीवनदायिनी रूपी ऑक्सीजन प्राप्त होता हैं उसे नो व्हीकल जोन बनाना चाहिए। संगठन का कहना है कि हमारे द्वारा अपनी मूलभूत आवश्कताओं को लेकर वृक्षों की अंधाधूंध कटाई से पर्यावरण पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है इसलिए आज हमें अधिक से अधिक पौधारोपण करने की आवश्यकता है तो वहीं नगर के रानी सागर रोड पर चौड़ीकरण को लेकर 84 पेड़ों के कटाई करने के लिए अनुमति मांगने की ख़बरें को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ताओं, पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित आमजनों ने इसके कटाई रोकवाने के लिए विरोध शुरू कर दिए हैं। आज स्वस्त्ययन समाजसेवी संगठन ने आगे आ कर पेड़ों को बचाने के लिए अपने कार्यकर्ताओं और नगरवासियों के साथ बड़ी संख्या में उपस्थित होकर सेव ट्री सेव लाइफ का संदेश देते हुए उन पेड़ों को रक्षासूत्र बांधकर उन्हें काटने से बचाने के लिए आभियान छेड़ दिया हैं। षनुध मिश्रा वृक्षों के कटाई का विरोध को जायज ठहराते हुए कहा कि उस सड़क पर यातायात का दबाव बहुत कम है और लोगों के द्वारा इस मार्ग का प्रयोग अधिकतर मॉर्निंग वॉक करने के लिए करते हैं और इसके बगल में ही गौरव पथ है जो इस सड़क के यातायात के दबाव को कम करने में सहायक और बड़ी गाड़ी की आवागमन के लिए चौड़ी सड़क है तो इस सड़क को चौड़ीकरण कर इनके किनारे लगे वृक्षों की कटाई करना अनुचित है। उन पैसो से पर्यावरण संरक्षण और धरोहर सुरक्षा को ध्यान में रख उपयोग में लाना उचित होगा।
मानव शृंखला के जरिए पेड़ों के बीच बनाया पृथ्वी का नक्शा