नई दिल्लीः सड़क से जुड़ी परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार छोटे निवेशकों से भी पैसे जुटाएगी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक किसान, खेत मजदूर, कांस्टेबल, क्लर्क और सरकारी कर्मचारियों से भी पैसे जुटाए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि सरकार सड़क जैसी ढांचागत परियोजनाओं के निर्माण के लिए विदेशी निवेशकों से राशि नहीं लेगी और छोटे निवेशकों से ही रकम जुटाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ढांचागत परियोजनाओं के लिए प्रति वर्ष आठ प्रतिशत के सुनिश्चित रिटर्न पर एक लाख रुपए लगाने के इच्छुक छोटे निवेशकों से धन जुटाएगी। गडकरी ने कहा कि मैं अमीरों को और अमीर नहीं बनाना चाहता। उनके बजाय मैं किसानों, खेत मजदूरों, कांस्टेबलों, क्लर्कों और सरकारी कर्मचारियों से पैसा इकट्ठा करूंगा। गडकरी के मुताबिक उनका विभाग सालाना पांच लाख करोड़ रुपए से अधिक का काम करता है। ऐसा देखकर विदेशी निवेशक भारतीय सड़क परियोजनाओं में निवेश करना चाहते हैं लेकिन सरकार इसे लेकर इच्छुक नहीं है। गडकरी ने बताया कि कस्बों और शहरों में रेलवे क्रॉसिंग पर सड़क ओवरब्रिज बनाने की 8,000 करोड़ रुपए की परियोजना पर भी काम चल रहा है। गडकरी ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) वर्तमान में 5.85 प्रतिशत तक की प्रतिस्पर्धी दरों पर कर्ज जुटा रहा है। दो बैंकों ने 25,000 करोड़ रुपए के कर्ज का प्रस्ताव दिया है। इसके साथ ही गडकरी ने कई परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी जो अगले एक साल में यातायात के लिए खुल जाएंगे। उन्होंने कहा कि चलाई जा रही परियोजनाओं से दूरियां, यात्रा में लगने वाला समय, प्रदूषण और ईंधन कम होगा, अर्थव्यवस्था को भी मदद मिलेगी गडकरी ने कहा कि कच्चे तेल पर विदेशी मुद्रा बचाने, प्रदूषण पर अंकुश लगाने और घरेलू उद्योग और चीनी उत्पादकों की मदद करने के लिए इथेनॉल, तरलीकृृत प्राकृृतिक गैस, हरी हाइड्रोजन जैसे ईंधन विकल्पों का सबसे अधिक उपयोग करने की आवश्यकता है।