वर्तमान समय में हम चाहते हुए भी विज्ञान को अपने जीवन से निकाल नहीं सकते। यदि विज्ञान के बिना दुनिया की कल्पना करें तो हमें एक गहरा शून्य ही दिखाई देगा। एक सामान्य उदाहरण के माध्यम से इस बात को साबित किया जा सकता है। कल्पना कीजिये कि अब तक एडिसन ने विद्युत बल्ब का अविष्कार न किया होता तो शायद पूरी दुनिया अंधेरे में डूबी रहती। हियरिंग ऐड के आविष्कार ने बहरों को सुनने में मदद की है और कृत्रिम अंगों के उपयोग से अपंग व्यक्ति भी चलने-फिरने लायक बन गए हैं। यहां विज्ञान वरदान साबित हुआ है। हम सोच दुनिया रहे हैं, भोजन कर रहे हैं, दौड़ रहे हैं या सांस ले रहे हैं। इन सभी जैविक क्रियाओं के पीछे कहीं न कहीं विज्ञान के सिद्धांत कार्य कर रहे हैं। मानव सभ्यता के विकास में विज्ञान का उद्भव मनुष्य की सबसे बड़ी उपलब्धि है। विज्ञान ने मनुष्यों को तमाम रोग-व्याधियों से मुक्ति दी है और असंख्य दैनिक सुविधाओं से लैश भी किया है। विज्ञान को मनुष्य का वफादार नौकर की संज्ञा दिया जा सकता है जो जीवन भर हमारे आदेशों का पालन करता है। वहीं दूसरी तरफ यदि विज्ञान रूपी शक्ति का हम दुरुपयोग करें तो यह क्षण भर में विनाश का मंजर भी ला सकता है। परमाणु की शक्ति जहां एक तरफ लाखों घरों में बिजली का उजाला फैला सकती है, वहीं दूसरी और परमाणु बम बनने पर जीवन में अंधेरा भी ला सकती है। विज्ञान ने हमारे जीवन के हर एक क्षेत्र में आमूल-चूल परिवर्तन लाए हैं और यह सब विज्ञान के सिद्धांतों के उपयोग से बने उन उपकरणों के कारण संभव हुआ है जिन्होंने हमारे जीवन को सरल बनाया है। आज जहां भी अपनी नजर दौड़ाएंगे तो यही पाएंगे कि विज्ञान के सिद्धांतों के हमारे जीवन के हर क्षेत्र में व्यावहारिक उपयोग पर आज समूची दुनिया निर्भर हो चुकी है। आज जितने भी उपकरणों का हम अपने जीवन में प्रयोग कर रहे हैं जैसे वाशिंग मशीन, मिक्सर, स्कूटर, कार आदि ये सभी यांत्रिक ऊर्जा से संचालित होते हैं। किसी उपकरण की गति के कारण जो ऊर्जा उत्पन्न होती है उसे वैज्ञानिक शब्दों में यांत्रिक ऊर्जा कहते हैं। यह यांत्रिक ऊर्जा किसी पदार्थ को दूसरे पदार्थ पर एक बल उत्पन्न करने में समर्थ बनती है। इस बल के कारण दूसरा पदार्थ अपनी स्थिति बदल देता है और विभिन्न उपकरणों में इससे अनेक उद्देश्य पूरे होते हैं।
हमारे दैनिक जीवन में विज्ञान की उपयोगिता
