नई दिल्लीः भारत अब अमरीका को आम का निर्यात कर सकेगा। भारत को नए सत्र में अमरीका को आम निर्यात के लिए अमरीकी कृृषि विभाग (यूएसडीए) की मंजूरी मिल गई है। वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी है। अमरीका ने 2020 में भारतीय आमों का आयात रोक दिया था। उस समय कोविड-19 महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते यूएसडीए निरीक्षक विकिरण सुविधाओं के निरीक्षण के लिए भारत का दौरा नहीं कर पाए थे। 23 नवंबर, 2021 को कृृषि और किसान कल्ल्याण विभाग और यूएसडीए ने ‘2 बनाम 2’ कृृषि-बाजार पहुंच मुद्दों को लागू करने के लिए एक रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत, दोनों देश भारतीय आम और अनार के निर्यात तथा अमरीका से चेरी और अल्फाल्फा हे के आयात पर विकिरण को एक संयुक्त प्रोटोकॉल का पालन करेंगे। मंत्रालय ने कहा कि एक संशोधित कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसमें दोनों देशों के बीच सहमति के अनुसार भारत को विकिरण उपचार की पूर्व मंजूरी की निगरानी का चरणबद्ध हस्तांतरण शामिल है। मंत्रालय ने कहा कि आपसी समझौते के तहत भारत मार्च के बाद से अमरीका को अल्फांसो किस्म का निर्यात शुरू करेगा। मंत्रालय के अनुसार, भारत ने वर्ष 2017-18 में अमरीका को 27.5 लाख डॉलर के 800 टन आम का निर्यात किया था। इसी तरह, वर्ष 2018-19 में, 36.3 लाख डॉलर के 951 टन और वर्ष 2019-20 में 43.5 लाख डॉलर के 1,095 टन आम का निर्यात किया गया था। मंत्रालय ने कहा कि निर्यातकों से प्राप्त अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2022 में आम का निर्यात वर्ष 2019-20 के आंकड़े को पार कर सकता है।