नई दिल्ली : पिछले साल कोरोना की भयावह दूसरी लहर का सामना करने के बाद एक बार फिर इस वैश्विक महामारी की स्थिति गंभीर हो रही है। कई राज्यों में इससे बचने के लिए फिर से प्रतिबंधों को लागू किया जा रहा है। कोरोना वायरस के नए और अधिक संक्रामक वैरिएंट ओमिक्रोन के सामने आने के साथ देश में संक्रमण के मामलों में एक बार फिर खतरनाक तेजी देखी जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में कोरोना के 90,928 नए मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा देश में ओमिक्रोन वैरिएंट से संक्रमण के मामलों की संख्या भी 2620 हो गई है। इनमें से 995 मरीज ठीक हो चुके हैं। महामारी की दूसरी लहर की तरह ही इस बार भी इस वायरस से महाराष्ट्र और दिल्ली सबसे ज्यादा प्रभावित होते दिख रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में ओमिक्रोन से संक्रमण के 797 मामले सामने आए हैं वहीं दिल्ली में इनकी संख्या 465 है। राजस्थान में 236, केरल में 234, कर्नाटक में 226, गुजरात में 204 और तमिलनाडु में ओमिक्रोन संक्रमण के 121 मामलों की पुष्टि हुई है। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 26,538 नए मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स ने बताया है कि प्रदेश में अब तक कुल 260 रेजिडेंट डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। स्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार मे कुछ प्रतिबंध लागू किए हैं लेकिन सरकार पूर्ण लॉकडाउन लगाने के पक्ष में नहीं है। दूसरी ओर कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने किसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को लेकर राज्यों को पत्र लिखा है। इस पत्र में राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोविड प्रबंधन के लिए पर्याप्त स्टाफ, डॉक्टर, बुनियादी ढांचा, बिस्तरों की निगरानी आदि सुविधाओं के साथ जिला और उप जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जिला और उप-जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाने, कोरोना संक्रमितों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करने और बेड की बुकिंग के लिए कंट्रोल रूम्स के जरिए हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। केंद्र ने राज्यों को सलाह दी है कि इन कंट्रोल रूम्स में डॉक्टरों, काउंसलर और वॉलंटियर्स की पूरी तैनाती हो। इसके अलावा एक हेल्पलाइन भी बनाई जाए, जहां लोग आसानी से संपर्क कर सकें और हमसंभव मदद दी जा सके। केंद्र सरकार ने सलाह दी है कि इन कंट्रोल रूम्स में कंप्यूटर होने चाहिए। यहां ब्रॉडबैंड सर्विस होनी चाहिए। कोरोना के मामलों के मुताबिक इन कंट्रोल रूम को हर वक्त सक्रिय रखा जाए। इससे लोगों को मदद दी जाए। केंद्र ने कहा कि कोरोना की जांच, एंबुलेंस की उपलब्धता का रियल टाइम डेटा इन कंट्रोल रूम्स में उपलब्ध होना चाहिए। लोगों को एंबुलेंस और अस्पताल की बुकिंग की पूरी प्रक्रिया समझाई जानी चाहिए। केंद्र ने कुल आठ बिंदुओं में राज्यों को बताया है कि कंट्रोल रूम्स में एंबुलेंस की सुविधा होनी चाहिए, जिससे लोगों को तत्काल मदद पहुंचाई जा सके। इसके अलावा कंट्रोल रूम पूरे इलाके में खाली बेड के बारे में अपडेट रखे। कंट्रोल रूम्स उन कोरोना पीडç¸तों के संपर्क में रहे, जो होम आइसोलेशन में हैं। कंट्रोल रूम के सदस्यों की ओर से इन लोगों को फोन करके हाल जाना जाएगा। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी कोविड अनरूप व्यवहार अपनाने की अपील की है। उन्होंने गुरुवार को भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली में उन चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से मुलाकात की, जो कोरोना वायरस महामारी से संक्रमित पाए गए थे। उन्होंने यहां कहा कि हमारे कई चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी मरीजों की सेवा करते हुए कोरोना वायरस से प्रभावित हुए हैं। मंडाविया ने कहा कि मैं उनके बेहतर स्वास्थ्य की की कामना करता हूं। उधर, एम्स के महानिदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कोरोना महामारी को लेकर कहा है कि उचित तरह से मास्क पहनना, हाथ धोते रहना, भीड़ से बचना और टीकाकरण बहुत जरूरी है। घबराएं नहीं, यह एक हल्की बीमारी है, लेकिन हमें सतर्क रहने की जरूरत है।
केंद्र का राज्यों को पत्र : कोरोना के प्रबंधन के लिए तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश