जोरहाट : देशभर में सनसनी फैलाने वाले बुली बाई ऐप मामले की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशन (आईएफएसओ) सेल की टीम देर रात जोरहाट पहुंची। दिल्ली पुलिस ने जोरहाट पुलिस के सहयोग से ऐप से जुड़े मुख्य साजिशकर्ता नीरज बिश्नोई को उसके घर से गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार नीरज की तलाश में जोरहाट पहुंची दिल्ली पुलिस की टीम कल रात करीब 11 बजे बिश्नोई के घर आई और पकड़कर जोरहाट थाने ले आई। पुलिस ने नीरज बिश्नोई का मोबाइल व लैपटॉप भी जब्त किया। हालांकि दिल्ली पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में नीरज ने उक्त ऐप से जुड़े होने के आरोप को खारिज किया। इधर आईएफएसओ की टीम आज दोपहर 3.30 बजे नीरज को अपने साथ दिल्ली ले गई। मालूम हो कि 21 वर्षीय नीरज बिश्नोई भोपाल के वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक की पढ़ाई कर रहा है। जोरहाट साइंस कॉलेज से बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद कोविड नियमों के कारण वह ऑनलाइन क्लासेस के जरिए घर पर ही बी.टेक की पढ़ाई कर रहा था। इस संदर्भ में जानकारी देते हुए डीसीपी (आईएफएसओ) केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की टीम द्वारा जोरहाट से गिरफ्तार नीरज बिश्नोई गिटहब पर ‘बुली बाई’ का मुख्य साजिशकर्ता और निर्माता है। इसके साथ ही वह ऐप का मुख्य ट्विटर अकाउंट होल्डर भी है। केपीएस मल्होत्रा ने जानकारी दी कि बुली बाई केस को आईएफएसओ के पास ट्रांसफर कर दिया गया है। मल्होत्रा ने कहा कि ‘सुल्ली’ नामक ऐप के मामले में म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी प्रक्रिया भारत में पूरी हो गई है और जल्द ही इसे न्याय विभाग को सौंप दिया जाएगा। बता दें कि पिछले साल हुए सुल्ली डील्स ऐप केस के बाद इस वर्ष की शुरूआत में बुली बाई ऐप सामने आई थी, जो गिटहब एपीआई पर बनी थी। इससे पहले एक ट्वीटर यूजर ने ट्वीट कर खुद को मुस्लिम महिलाओं की नीलामी वाले इस ऐप का मास्टरमाइंड बताया था। उसने कहा था कि मुंबई पुलिस बेगुनाहों को परेशान करना बंद करे। ऐसा नहीं होने पर उसने बुली बाई 2.0 ला3च करने की धमकी भी दी। बताया जाता है कि सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं को बुली बाई मोबाइल ऐप पर नीलामी के लिए सूचीबद्ध किया गया था, जिसमें बिना अनुमति के फोटो खिंचवाए गए थे और छेड़छाड़ की गई थी। उल्लेखनीय है कि बुली बाई ऐप के सिलसिले में इससे पहले तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस संबंध में मुंबई के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया था कि पुलिस की साइबर इकाई द्वारा उत्तराखंड से गिरफ्तार की गई 18 वर्षीय युवती श्वेता सिंह मुख्य आरोपी है, जिसने ऐप का ट्विटर हैंडल बनाया था। वहीं मामले में बुधवार तड़के उत्तराखंड से मयंक रावल (21) को गिरफ्तार किया गया। श्वेता सिंह को मंगलवार को उत्तराखंड के ही रुद्रपुर से गिरफ्तार किया गया था, जबकि इंजीनियरिंग के छात्र विशाल कुमार झा (21) को सोमवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था। इधर नीरज की गिरफ्तारी पर उसके पिता दशरथ बिश्नोई का कहना था कि मैट्रिक व हायर सेकेंडरी में 80 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित करने के बाद उसका दाखिला भोपाल के वेल्लोर इंस्टीट्यूट में कराया गया। उन्होंने कहा कि लैपटॉप मिलने के बाद से ही वह उसमें अधिक व्यस्त नजर आता था और इस संदर्भ में उन्होंने उसके शिक्षक से शिकायत भी की थी। लेकिन ऐसी घटना के बारे में कभी नहीं सोचा था। बिश्नोई ने अपने पुत्र को निर्दोष बताते हुए कहा कि कानूनी प्रक्रिया में जल्द ही सबकुछ साफ होगा और उनका पुत्र को बेकसूर करार दिया जाएगा।