दुलियाजान : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने आज सोमवार को दुलियाजान स्थित जालोनी क्लब के प्रांगण में आयोजित दो दिवसीय पुलिस अधीक्षकों के दूसरे सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने कहा कि नई चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य पुलिस की ओर से सुरक्षा एजेंसियों, खास तौर से सेना और वायुसेना के साथ समन्वय करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि अपराध से लड़ने, जांच की गुणवत्ता बेहतर बनाने और जन हितैषी बनने के लिए पुलिस को अपनी भूमिका और फोकस दोनों में बदलाव करना होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को उग्रवाद से भी निपटना है और देश की सम्प्रभुता भी बनाए रखनी है। उन्होंने कहा कि सेना और वायुसेना के शीर्ष अधिकारी इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं ताकि बलों के समन्वय के संबंध में अपने विचार व्यक्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष की स्थिति में हमें कानून-व्यवस्था, उग्रवाद और असम पुलिस की भूमिका पर उनके विचार जानने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन सिर्फ रिपोर्ट कार्ड पेश करने के लिए नहीं है, हम इसका आयोजन ऐसे कर रहे हैं ताकि आप नये दृष्टिकोण के साथ लौट सकें। बताते चलें कि इस सम्मेलन में पूर्वी हवाई कमान के एओसी-इन-सी और चार कोर के जीओसी मौजूद थे। सम्मेलन में आज प्रथम दिन मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा के साथ-साथ 94 पुलिस अधीक्षक और पुलिस के आलाधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा मुख्य सचिव असम जिष्णु बरुवा,असम सरकार के गृह विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तथा आयल इंडिया लिमिटेड के सीएमडी एससी मिश्रा, आयल के आवासीय मुख्य कार्यपालक प्रशांत बार्काकोटी उपस्थित थे। इसके अलावा मंत्री अतुल बोरा मंत्री बिमल बोरा,मंत्री रामेश्वर तेली,दुलियाजान विधायक तेरस ग्वाला,तिनसुकिया के विधायक संजय किसान भी उपस्थित थे। मालूम हो कि असम पुलिस के अधीक्षकों के दूसरे सम्मेलन में राज्य में अब हर छह महीने के बाद असम पुलिस अधीक्षकों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसके तहत राज्य में तीसरा असम पुलिस अधीक्षकों का सम्मेलन छ महीने बाद देरगांव में आयोजित किया जाएगा।
‘नई चुनौतियों से निपटने के लिए सुरक्षा एजेंसियों में समन्वय जरूरी’