मेरठ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) पर हमला करते हुए कहा कि इस पार्टी की पिछली सरकार के कार्यकाल में अपराधी और माफिया राज्य में अवैध कब्जों का टूर्नामेंट खेलते थे, मगर मौजूदा भाजपा सरकार अब उनके साथ जेल-जेल खेल रही है। मोदी ने मेरठ के सरधना में 700 करोड़ रुपए की लागत से बनने जा रहे उत्तर प्रदेश के पहले मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने के बाद अपने सम्बोधन में पूर्ववर्ती सपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में जब पहले की सरकार थी तब यहां अपराधी और माफिया अपना खेल खेलते थे। पहले यहां अवैध कब्जों के टूर्नामेंट होते थे। उन्होंने कहा कि बेटियों पर फब्तियां कसने वाले लोग खुलेआम घूमते थे हमारे मेरठ और आसपास के क्षेत्रों के लोग कभी भूल नहीं सकते कि लोगों के घर जला दिए जाते थे और पहले की सरकार अपने खेल में लगी रहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारों के खेल का ही नतीजा था कि लोग अपना पुश्तैनी घर छोड़कर पलायन के लिए मजबूर हो गए थे। पहले क्या-क्या खेल खेले जाते थे। अब योगी जी की सरकार ऐसे अपराधियों के साथ जेल-जेल खेल रही है। मोदी ने खेल विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश में असल तरीके से खेल को बढ़ावा मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के युवाओं को खेल की दुनिया में छा जाने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि देश में खेलों को आगे बढ़ाने के लिए एक नई सोच की जरूरत है। यह जरूरी है कि हमारे खिलाड़ियों में खेल को एक पेशा बनाने का विश्वास पैदा हो। यही मेरा संकल्प भी है और यही मेरा सपना भी। मैं चाहता हूं जिस तरह दूसरे पेशे हैं उसी तरह हमारे युवा खेलों को भी देखें। प्रधानमंत्री ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि हमने 2018 में देश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मणिपुर में स्थापित की। बीते सात सालों में देश भर में खेल शिक्षा और क्षमता से जुड़े अनेक संस्थानों को आधुनिक बनाया गया और अब आज उत्तर प्रदेश में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय खेलों में उच्च शिक्षा का एक और श्रेष्ठ माध्यम बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में भी खेल को प्राथमिकता दी गई है। खेल को अब उसी श्रेणी में रखा गया है जैसे विज्ञान, वाणिज्य, गणित, भूगोल या दूसरी पढ़ाई हो। पहले खेल को अतिरिक्त गतिविधि माना जाता था लेकिन अब खेल बाकायदा एक विषय होगा और उसका भी उतना ही महत्व होगा जितना बाकी विषयों का है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 700 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय दुनिया के श्रेष्ठ खेल विश्वविद्यालयों में से एक होगा। उन्होंने कहा कि यहां युवाओं को खेलों से जुड़ी अंतररष्ट्रीय सुविधाएं भी मिलेंगी और यह एक करियर के रूप में स्पोर्ट्स को अपनाने के लिए जरूरी क्षमता का निर्माण भी करेगी और क्रांतिवीरों की नगरी खेल वीरों की नगरी के रूप में भी अपनी पहचान को और सशक्त करेगी। मोदी ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों ने खेलों के प्रति संकुचित सोच को बदलने के लिये सार्थक प्रयास नहीं किये। पहले प्रशिक्षण से लेकर टीम चयन तक हर स्तर पर भाई—भतीजावाद, बिरादरी का खेल, भ्रष्टाचार का खेल, लगातार हर कदम पर भेदभाव होता था। प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलती टेक्नोलॉजी, बदलती मांग और बदलती क्षमता के लिए देश में पहले की सरकारें बेहतरीन इकोसिस्टम तैयार ही नहीं कर पायीं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में उत्तर र प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि विश्वस्तरीय अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय 91.38 एकड़ क्षेत्र में बनाया जाएगा और इसके निर्माण पर 700 करोड़ रुपए की लागत अनुमानित है। इस विश्वविद्यालय में 1080 खिलाड़ियों को एक साथ प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। इसमें खेल, खेल विज्ञान तथा खेल प्रौद्योगिकी के विभिन्न पाठ्यक्रमों के साथ प्रशिक्षण एवं शोध कार्य भी संचालित किए जाएंगे।