गुवाहाटी : राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के टीकाकरण अभियान के तहत 15 से 18 साल की उम्र के 18.25 लाख किशोरों का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा है, जो राज्य में जनवरी  महीने की 3 तारीख से कोवैक्सिन खुराक का उपयोग करके शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार असम में जिन बच्चों को टीकाकरण की आवश्यकता होती है उनमें से लगभग 80 प्रतिशत बच्चे स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में नामांकित है और इसलिए आसानी से सुलभ है। इसके विपरीत टीकाकरण के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण कर्तव्य होगा स्कूल ड्रॉपआउट्स को लाना क्योंकि उनका डेटा शैक्षणिक संस्थानों के पास उपलब्ध नहीं हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्र के अनुसार बच्चों के लिए नए टीकाकरण अभियान के लिए मौजूदा कोविड टीकाकरण केंद्रों के अलावा स्कूल परिसरों को भी चुना जा सकता है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के टीकाकरण की नीति को अंतिम रूप देनके लिए राज्य का स्वास्थ्य विभाग मंगलवार को केंद्र के साथ वीडियो कांफ्रेंस करेगा। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार भारत बायोटेक  की ओर से प्रस्तुत कोवैक्सीन राज्य में उपयोग के लिए उपलब्ध है और शुरुआती दौर में यही एकमात्र विकल्प होगा। कोविड टीकाकरण अभियान के दौरान कोवाक्सीन की जो खुराक वयस्कों को दी जा रही है उसी का उपयोग बच्चों के लिए भी किया जाएगा। जाईडस केजिला की ओर से प्रस्तुत जाईकोव-डी वैक्सीन को देशभर में बच्चों के उपयोग के लिए अनुमति दे दी गई है, लेकिन असम में यह अभी तक उपलब्ध नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्र के अनुसार सोमवार तक असम के विभिन्न जिलों में कोविड वैक्सीन की 42 लाख खुराकें मौजूद थीं। इसके अलावा भविष्य में उपयोग के लिए गुवाहाटी स्थित राज्य वैक्सीन डिपो में अतिरिक्त 24 लाख खुराकें मौजूद थीं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार वैक्सीन की कुल आपूर्ति में से 13.84 लाख कोवैक्सीन की खुराकें हैं। सूत्रों ने कहा कि दिसंबर में असम में वैक्सीन की नई खेप आने की संभावना नहीं है, लेकिन बच्चों के टीकाकरण में तेजी लाने के लिए जनवरी में नई आपूर्ति आएगी। 18 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए सबसे हालिया टीकाकरण लक्ष्य 2.33 करोड़ है। 3 जनवरी से जब 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्ति शामिल होंगे तो यह लक्ष्य बढ़कर 2.51 करोड़ हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अगर वैक्सीन उपलब्ध रहे तो 15-18 आयु सीमा के लिए 18 लाख टीकाकरण का लक्ष्य 15 दिनों में पूरा किया जा सकता है।