नई दिल्ली : निर्वाचन आयोग ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव के साथ उन राज्यों की कोविड-19 स्थिति की समीक्षा की जहां चुनाव होने हैं। आयोग ने स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के आला अधिकारियों को चुनावों में मादक पदार्थों के प्रभाव पर नजर रखने का निर्देश दिया। आयोग ने आईटीबीपी, बीएसएफ और एसएसबी के शीर्ष अधिकारियों से भी मुलाकात की और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी बनाए रखने के लिए कहा। इन बैठकों की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने देश में विशेष रूप से उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में कोविड की स्थिति पर लगभग एक घंटे तक निर्वाचन आयोग को जानकारी दी। कोरोना वायरस के ओमिक्रोन स्वरूप के प्रसार के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। एक पदाधिकारी ने कहा कि यह सूचना प्राप्त करने के लिए एक सत्र था। आयोग ने स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर स्थिति का आकलन किया। स्वास्थ्य सचिव ने निर्वाचन आयोग को वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए हाल के दिनों में जारी किए गए कोविड प्रोटोकॉल और गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बारे में भी जानकारी दी। एनसीबी, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान, निर्वाचन आयोग ने स्वापक नियंत्रण ब्यूरो से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि मादक पदार्थ चुनाव को प्रभावित न करें। सूत्रों ने बताया कि आयोग ने मादक पदार्थों की तस्करी के संबंध में विशेष रूप से पंजाब और गोवा का जिक्र किया। गोवा, पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर विधानसभाओं का कार्यकाल अगले साल मार्च में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त हो रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल मई में समाप्त होगा। निर्वाचन आयोग अगले महीने चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है। सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक चुनाव आयोग ओमिक्रॉन के डर के चलते अगले साल होने वाले 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव टालने के मूड में नहीं है। आयोग ने सोमवार को दिल्ली में चुनावी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों के साथ बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव तय समय पर ही कराए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस पर आखिरी फैसला जनवरी के पहले हफ्ते में होने वाली बैठक में लिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग अपने शेड्यूल पर टिका रहना चाहता है। आयोग ने चुनावी राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर के स्वास्थ्य सचिवों के साथ ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों पर चर्चा की है। इन राज्यों में वैक्सीन कवरेज और ओमिक्रोन केसेज का आंकड़ा भी मांगा है।केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने चुनाव आयोग को कोरोना के हालातों के बारे में बताया। अब राज्यों को यह भी बताना है कि वे केंद्र के साथ मिलकर क्या काम कर रहे हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर जनवरी के पहले हफ्ते में बैठक होगी। विशेषज्ञों का दावा है कि कुछ ही दिनों में ओमिक्रॉन के रूप में कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है। लिहाजा चुनाव आयोग कुछ सख्त कदम उठा सकता है। चुनाव के पहले राज्यों के हालात को समझ कर इसका फैसला किया जाएगा। चुनाव को लेकर अधिसूचना जनवरी में जारी हो सकती है।
चुनाव टालने के मूड में नहीं आयोग