वाराणसी (भाषा) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति को सिर्फ जाति और मजहब के चश्मे से देखने वाले लोगों के ‘सिलेबस (पाठ्यक्रम)’ में केवल माफियावाद और परिवारवाद ही शामिल है।  अपने संसदीय क्षेत्र में 2095 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री ने संबोधन में यह भी कहा कि देश में गाय और गोबरधन की बात करने को कुछ लोगों ने ‘गुनाह’ बना दिया है। उन्होंने कहा कि गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, हमारे लिए गाय माता है, पूजनीय है। विभिन्न विकास परियोजनाओं व कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा वह जब काशी और उत्तर प्रदेश के विकास में ‘डबल इंजन’ की ‘डबल शक्ति और डबल विकास’ की बात करते हैं तो कुछ लोगों को बहुत कष्ट होता है। उन्होंने कहा कि यह वे लोग हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति को सिर्फ और सिर्फ जाति पंथ, मत और मजहब के चश्मे से ही देखा है। इन लोगों ने कभी नहीं चाहा कि उत्तर प्रदेश का विकास हो। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, सड़क, पानी, बिजली, गरीबों के घर, गैस कनेक्शन, शौचालय को तो वह विकास मानते ही नहीं हैं।’ आम तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता केंद्र व राज्य में एक ही दल की सरकार के लिए ‘डबल इंजन’ शब्द का प्रयोग करते हैं। उन्होंने कहा, ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सब का प्रयास की यह भाषा भी उनके सिलेबस में नहीं है। उनके सिलेबस में है माफियावाद, परिवारवाद, घरों और जमीनों पर अवैध कब्जा। पहले की सरकारों के समय उत्तर प्रदेश के लोगों को जो मिला और आज हमारी सरकार से जो मिल रहा है, उसका फर्क साफ है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा की सरकार उत्तर प्रदेश में विरासत को भी आगे बढ़ा रही है और साथ ही राज्य का विकास भी कर रही है। उन्होंने कहा कि लेकिन सिर्फ अपना स्वार्थ सोचने वाले इन लोगों को उत्तर प्रदेश का विकास पसंद नहीं आ रहा है। हालात तो यह है कि इन लोगों को पूर्वांचल के विकास से, बाबा (विश्वनाथ) के काम से, विश्वनाथ धाम के काम से भी आपत्ति होने लगी है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि सूबे को दशकों पीछे धकेलने वाले इन लोगों की आने वाले दिनों में नाराजगी अभी और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह पूरे उत्तर प्रदेश के लोग डबल इंजन की सरकार के साथ डटकर खड़े हैं, हमें आशीर्वाद दे रहे हैं और जैसे-जैसे आशीर्वाद बढ़ता जाता है, उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचेगा।