गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान सदन को आज बुधवार को सूचित किया कि सरकार की ओर से लिए जाने वाले ऋण पर स्थिति को बेहतर ढंग से समझने के लिए हमारी सरकार एक श्वेत पत्र प्रकाशित करेगी, जिसे अगले विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। राज्य के बढ़ते कर्ज पर विधानसभा में चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि असम की उधारी सीमा के भीतर है और ऋण-से-जीडीपी अनुपात 22 प्रतिशत है, जो देश में सबसे कम है। कांग्रेस, एआईयूडीएफ, माकपा और रायजर दल की आलोचना के बावजूद उन्होंने कहा कि राज्य पूंजीगत व्यय परियोजनाओं को लागू करने के लिए निकट भविष्य में और कर्ज जुटाने पर विचार कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अपनी नदियों पर 1,900 पुलों के निर्माण के लिए 5,000 करोड़ रुपये का ऋण जुटाने के लिए पहले ही बातचीत की है। राज्य के प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक जोड़ने के लिए, हम और 3,000 करोड़ रुपये उधार लेंगे। उन्होंने कहा कि जहां मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, वहां जिला अस्पतालों के निर्माण और उन्नयन के लिए हम 2,500 करोड़ रुपए का कर्ज लेंगे। शिवसागर से चराइदेव तक सड़क बनाने के लिए हम 250 करोड़ रुपये उधार लेंगे। हम चार तटबंधों के वास्ते ऋण लेने के लिए एडीबी से भी बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2021-22 के दौरान कुल उधारी 16,000 करोड़ रुपए की विधानसभा मंजूरी के मुकाबले 14,000 करोड़ रुपए होगी और इस वित्त वर्ष में अब तक 7,500 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य इस साल 2,500 करोड़ रुपए चुकाएगा भी। डॉ. शर्मा ने कहा कि अगले साल हम 18,000 करोड़ रुपए और उसके अगले साल 22,000 करोड़ रुपये उधार लेने की योजना बना रहे हैं। पिछले साल तक, ऋण-से-जीडीपी अनुपात 19 प्रतिशत था और यह चालू वित्त वर्ष में लगभग 22 प्रतिशत होगा। यह देश में सबसे कम है। हम इस साल जीएसडीपी के 4,15,000 करोड़ रुपए को छूने की उम्मीद कर रहे हैं। सीएम ने दावा किया कि विपक्ष शासित राज्यों में ऋण से जीडीपी अनुपात बहुत अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान में यह अनुपात 33 फीसदी,पश्चिम बंगाल में 35 फीसदी और पंजाब में 52.5 फीसदी है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को शिवसागर विधायक अखिल गोगोई ने सरकारी कर्ज का विरोध करते हुए आरोप लगाया था कि राज्य सरकार की ओर से कर्ज के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। बुधवार को राज्य सरकार के ऋण विवाद के मुद्दे को उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी)के कारण राज्य सरकार हाल के वर्षों में अधिक ऋ ण प्राप्त करने में सक्षम है और इसे वापस करने में भी सक्षम है। उन्होंने ने यह भी कहा कि राज्य सरकार चालू वित्त वर्ष में कुल 14,000 करोड़ रुपए का कर्ज लेगी। उन्होंने आगे कहा कि हमारी उधारी सीमा के भीतर है। राज्य सरकार ब्याज का भुगतान करने और ऋणों को समय पर चुकाने में सक्षम है। राज्य सरकार के अपनी सीमा से अधिक ऋण के विवादों का खंडन करते हुए सीएम ने कहा कि विवाद निरर्थक है क्योंकि विधानसभा ने ही राज्य सरकार को राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 3.5 प्रतिशत ऋण लेने की अनुमति दी थी। उन्होंने कहा कि पंजाब, राजस्थान और केरल जैसे राज्यों ने असम की अपेक्षा ज्यादा ऋण लिया है और वे उन्नति के पथ पर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि मैं असम को केरल की तरह आगे ले जाना चाहता हूं जो उन्नति के पथ पर अग्रसर हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की भी जमकर तारीफ की और उन्हें एक कुशल राजनेत्री बताया।
अगले विस सत्र में पेश होगा श्वेत पत्र