नई दिल्लीः बढ़ रही महंगाई के बीच आरबीआई आर्थिक सुधार को समर्थन देने के लिए बैंकों से दो लाख करोड़ वापस लेगा। इससे बैंकों को अपने पास जमा अतिरिक्त नकदी कम करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय रिजर्व बैंक कल बुधवार को अपनी लिक्विडिटी एजस्ट सुविधा के तहत दो लाख करोड़ रुपए के तीन दिवसीय वैरिएबल रेट रिवर्स रेपो (वीआरआरआर) नीलामी करेगा। इसमें बैंक अतिरिक्त पूंजी आरबीआई को उधार देते हैं। इस पर उन्हें 3.8-3.9 फीसदी ब्याज मिलता है। यह पहली बार है, जब तीन दिवसीय वीआरआरआर नीलामी हो रही है। सामान्य तौर पर रिवर्स रेपो नीलामी 7 दिन, 14 दिन या 28 दिन के लिए होती है। वीआरआरआर नीलामी वह सुविधा है, जिसमें बैंक अपनी अतिरिक्त पूंजी आरबीआई को उधार देते हैं। इसमें बैंकों के पास ब्याजा कमाने का मौका रहता है। आमतौर पर महंगाई जब बढ़ जाती है, तब केंद्रीय बैंक रिवर्स रेपो दर बढ़ाकर बैंकों को अपने पास नकदी जमा करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इससे बाजार में मौजूद अतिरिक्त पूंजी को बाहर निकालने में मदद मिलती है। इस समय बाजार में करीब 9 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त पूंजी है।