गुवाहाटीः असम सरकार ने असम पशु संरक्षण अधिनियम 2021 में संशोधन करने के लिए सोमवार को विधानसभा में विधेयक पेश किया। इस संशोधन के जरिए जांच प्रक्रिया को और कड़ा बनाने तथा पशुपालन और कृषि उपयोग के लिए पशुओं के इस्तेमाल को सुलभ करने का प्रावधान किया गया है। असम विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा की ओर से ‘असम पशु संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2021’ पेश किया। राज्य में पशुओं का वध करने, मांस के सेवन और परिवहन के नियमन के लिए अगस्त में विधानसभा से मूल कानून पारित किया गया था। संशोधन के कारण और उद्देश्य के तौर पर बताया गया है कि पशुपालन और कृषि के लिए पशुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के वास्ते कुछ मौजूदा पाबंदियों को हटाने के मकसद से कानून में बदलाव का प्रस्ताव किया गया है। इस संशोधन के जरिए कानून के दंड संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन कराने के लिए नए प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं। प्रस्तावित संशोधन विधेयक में राज्य के भीतर एक जिले से दूसरे जिले तक पशुओं के परिवहन की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही संशोधन विधेयक में कहा गया है कि राज्य के भीतर किसी जिले से अंतर्राष्ट्रीय सीमा वाले जिले में पशुओं का परिवहन प्रतिबंधित होगा। सदन में विधेयक पेश होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ.हिमंत विश्वशर्मा ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि इस विधेयक के पास होने के बाद व्यापक पैमाने पर राज्य से पशु (गाय)तस्करी का मामला कम होगा। यह विधेयक किसी तरह से किसी पर निशाना साधने के लिए नहीं है, बल्कि कृृषि क्षेत्र में पशुधन की जरूरतों और बड़े पैमाने पर गाय की हो रही तस्करी को ध्यान में रखते हुए ही इस विधेयक को सदन में पेश किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ.शर्मा ने इस प्रकार के कार्य में लिप्त लोगों तथा अपनी वाहनों को किराए पर देने वालों को कड़ी चेतावनी देते कहा कि पशु तस्कर करने वालों पर कार्रवाई तो होगी, लेकिन इस कार्य में उपयोग होने वाली वाहनों को जब्त कर उसे बेचने का प्रावधान भी रखा गया है। विधेयक के अनुसार सरकार को उन वाहनों की बिक्री करने का पूरा अधिकार रहेगा। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पास होने के साथ ही एक ओर जहां पशु तस्करी पर लगाम कसा जाएगा, वहीं वाहनों की बिक्री से सरकारी खजाने भी भरेंगे। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि असम में गैरकानूनी तरीके से गाय तस्करी, नशीले पदार्थ हो या मानव तस्करी को किसी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों पर सख्त कदम उठाने का समय आ गया है।