म्यांमा की सैन्य सरकार ने उन खबरों को ‘फर्जी’ बताया है, जिनमें देश के उत्तर-पश्चिम हिस्से में सैनिकों द्वारा 11 ग्रामीणों की कथित तौर पर हत्या करने का दावा किया गया था। बाद में ग्रामीणों के जले हुए शव मिले थे। सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल न्यू लाइट ऑफ म्यांमा’ के शुक्रवार के संस्करण में कुछ मीडिया संगठनों को ‘राष्ट्र विनाशकारी मीडिया’ बताते हुए उन पर उस वीडियो को फैलाने का आरोप लगाया गया, जिसमें एक नरसंहार के लिए म्यांमा के सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराया गया है। खबर में कहा गया, ‘प्राथमिक जांच में पता चला है कि यह वीडियो बिल्कुल भी तत्मादाओ (म्यांमा की सेना) से जुड़ा नहीं है और यह सेना की छवि खराब करने की एक साजिश है।’ खबर में हत्याओं के संबंध में विस्तृत रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई। खबर में कहा गया कि स्थानीय और विदेशी ताकतों की मिली-जुली साजिश के चलते यह वीडियो शीघ्रता से और व्यापक रूप से सोशल मीडिया पर फैल गया। गौरतलब है कि सगाइंग क्षेत्र के डोने ताव गांव में जले हुए शवों की तस्वीरें और वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे।