पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता

गुवाहाटी : राज्य के खजाने में राजस्व की कमी के कारण राज्य सरकार के सामने अब शराब पर आबकारी शुल्क बढ़ाने के अलावा और कुछ रास्ता नहीं रहा। पेट्रोल-डीजल पर वेट में कमी लाने के बाद राज्य को आर्थिक विपर्यय से बचाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा के कैबिनेट ने शराब पर आबकारी शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया। बंगाईगांव कैबिनेट में लिए फैसले  के आधार पर आखिर आबकारी विभाग ने 3 दिसंबर को औपचारिक रूप से शराब पर आबकारी शुल्क की बढ़ोत्तरी के लिए राजपत्र पर सूचना प्रकाशित किया है। उक्त सूचना के अनुसार राज्य में शराब पर आबकारी शुल्क की वृद्धि 10 डिसंबर से लागू होगी। सरकारी निर्देश के अनुसार विदेशी शराब पर न्यूनतम 10 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक आबकारी शुल्क बढ़ने की संभावना है। आबकारी विभाग के सूत्र के अनुसार आगामी दो दिनों के अंदर ब्रैंड के मुताबिक शराब की कीमत निर्धारित होने की संभावना है। क्लासिक प्रिमियम ब्रैंड के शराब की कीमत सबसे अधिक बढ़ने और बीयर की कीमत में निम्नतम 5-10 रुपए की बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। आबकारी विभाग ने एलीजेंट ब्रैंडों पर नए दर निर्धारण कर रहा है। उल्लेखनीय है कि शुल्क वृद्धि के जरिए आबकारी विभाग पर शराब प्रस्तुत करने वाली कंपनियों को इच्छानुसार कीमत बढ़ाने की सुविधा देने की शिकायत भी सामने आई है। क्योंकि नए निर्देश के अनुसार अब से शराब प्रस्तुत करने वाली कंपनी शराब की कीमत (शुल्क के बिना) में बढ़ोत्तरी कर सकेंगी।