आगामी 12 फरवरी को बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी बीच भारत विरोधी शक्तियां बांग्लादेश में रहने वाले ङ्क्षहदुओं पर लगातार हमले कर रही हैं। बांग्लादेश के छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद ङ्क्षहदुओं के खिलाफ जो साजिश चल रही है वह रुकने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार की रात मेमन ङ्क्षसह जिले में बदमाशों ने सुसेन चन्द्र सरकार (52) नामक ङ्क्षहदू व्यापारी की धारदार हथियार से हमला कर निर्मम हत्या कर दी। मदमाशों ने घायल सुसेन चन्द्र सरकार को उनकी दुकान में ही बंद कर दिया। भारत विरोधी शक्तियों ने मेमन ङ्क्षसह जिले में ही दीपचंद दास की निर्मम हत्या कर दी थी। बांग्लादेश का चुनाव मुख्य रूप से अमरीका और पाकिस्तान समॢथत जमाम-ए-इस्लामी तथा तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के बीच होगा। शेख हसीना की नेतृत्व वाली अवामंी लीग पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने प्रतिबंध लगा रखा है। इस कारण यह पार्टी चुनाव में भाग नहीं ले पा रही है। भारत विरोधी शक्तियां बीएनपी पर भारत समर्थक होने का नैरेटिव बनाने में लगी हुई है। बांग्लादेश के विद्याॢथयों की पार्टी भी जमात-ए-इस्लामी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। अमरीका का बांग्लादेश की राजनीति में दिलचस्पी बढ़ गया है, क्योंकि अमरीका बांग्लादेश में अपना सैन्य अड्डा बनाना चाहता है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार के गठन के बाद अमरीका बांग्लादेश को अपने कब्जे में रखना चाहता है। यूनुस की सरकार चीन के साथ भी बेहतर संबंध बनाकर भारत को परेशान करना चाहती है। कई बार सार्वजनिक मंचों से मोहम्मद यूनुस ने भारत विरोधी बयान देकर अपने इरादे को स्पष्ट कर दिया है। अभी भारत और बांग्लादेश का संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है। बांग्लादेश भारत को तोडऩे तक की धमकी दे चुका है। भारत चाहता है कि बांग्लादेश में हर कीमत पर लोकतंत्र की स्थापना हो। यूनुस के आने के बाद बांग्लादेश में लगातार ङ्क्षहदुओं की हत्या हो रही है तथा उनकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। बांग्लादेश के अंतरिम सलाहकार यूनुस ने अंत तक कोशिश की कि किसी तरह बांग्लादेश के आम चुनाव को टाला जा सके, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। बांग्लादेश का चुनाव भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। अगर बांग्लादेश में भारत समर्थक सरकार आती है तो उससे दोनों देशों के संबंध सुधरेंगे। पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी आईएसआई बांग्लादेश में भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ाने में लगी हुई है। पर्दे के पीछे से अमरीका का भी समर्थन भारत विरोधी तत्वों को मिल रहा है। इस पूरे मामले में भारत को सजग रहना पड़ेगा।