अमरीका द्वारा वेनेजुएला पर हमला करने के बाद दुनिया के देशों में अमरीका के प्रति चर्चा शुरू हो गई है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो एवं उनकी पत्नी को बंधक बनाने के बाद कोलंबिया, ग्रीनलैंड, मैक्सिको तथा क्यूबा को धमकी दी है। वेनेजुएला की सफलता से उत्साहित ट्रंप ने भारत को भी रूस से तेल लेने के मामले में सीधी धमकी दी है। ट्रंप की नई नीति के खिलाफ दुनिया के देशों में बहस छिड़ गई है। ग्रीनलैंड डेनमार्क में स्थित है, जो नाटो का सदस्य है। डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने अमरीका को चेतावनी भी दी है। यूरोप के सात देशों ब्रिटेन, इटली, फ्रांस, जर्मनी, पोलैंड, डेनमार्क तथा स्पेन ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि अगर ग्रीनलैंड पर हमला हुआ तो नाटो बिखर जाएगा। ट्रंप की वर्तमान नीति अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। भारत ने भी अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए पहल शुरू कर दी है। अरब सागर में भारत ने अपने युद्ध पोतों की संख्या बढ़ा दी है तथा रूस के साथ संयुक्त युद्धाभ्यास करने की तैयारी है। बेनेजुएला के साथ जिस तरह ट्रंप ने दादागिरी दिखाई है उसको देखते हुए रूस और चीन ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी अमरीका की एकतरफा कार्रवाई को गलत बताया है। अमरीका का वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर पहले से ही नजर थी। इस युद्ध का मुख्य कारण तेल संसाधन पर कब्जा करने को लेकर है। उत्तर कोरिया ने तो सीधे अमरीका को धमकी दी है तथा अपने चार हाईपरसोनिक मिसाइल का टेस्ट किया है। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोन की सनक से दुनिया वाकिफ है। भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा है, जो अमरीका को पसंद नहीं है। लेकिन भारत अमरीका के सामने झुकने को तैयार नहीं है। ट्रंप द्वारा भारत को धमकी देने को लेकर अमरीका में भी काफी विरोध हो रहा है। अमरीकी सांसदों का मानना है कि अगर भारत अमरीका से दूर चला गया तो विश्व में नया वल्र्ड ऑर्डर बनेजा, जो अमरीका के लिए परेशान करने वाला होगा। ङ्क्षहद प्रशांत क्षेत्र में चीन की दादागिरी को रोकने के लिए अमरीका को भारत के सहयोग की जरूरत होगी। अगर ट्रंप का यही रबैया रहा तो भारत रूस और चीन के ज्यादा नजदीक चला जाएगा। अमरीका के रवैये को लेकर नाटो देशों में भी भारी नाराजगी है। डेनमार्क के ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की ट्रंप की धमकी के बाद नाटो के देश खुलकर अमरीका के सामने आ गए हैं। कुल मिलाकर दुनिया अभी बारूद के मुहाने पर खड़ी है। भारत सहित दुनिया के कई देश परमाणु हथियारों से सुसज्जित हैं, जिसमें उत्तर कोरिया भी शामिल है। युद्ध की स्थिति में परमाणु हथियारों का उपयोग होना आबादी के लिए खतरे की घंटी है। भारत को अपनी सैन्य तैयारियों को और मजबूत करने की जरूरत है। भारत पहले से ही चीन और पाकिस्तान जैसे कुटिल पड़ोसी से घिरा हुआ है। अब तो बांग्लादेश भी बार-बार भारत को तोडऩे की धमकी दे रहा है। अब समय आ गया है कि बांग्लादेश को कड़ा सबक सिखाया जाए। अमरीका द्वारा टैरिफ के मुद्दे पर बार-बार धमकी को देखते हुए भारत को अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना होगा। भारत की आॢथक तरक्की अमरीका को बर्दाश्त नहीं हो रही है। भारतीय सेना का लोहा दुनिया मानती है। रूस द्वारा भारत के पक्ष में सीधा समर्थन देने के बाद स्थिति और जटिल हो गई है। अमरीका को अपनी नीति पर विचार करना होगा, अन्यथा उसके लिए घातक साबित होगा।
तीसरे विश्व युद्ध की आहट