रूस-यूक्रेन युद्ध पर शांति प्रस्ताव

फरवरी 2022 से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए अमरीका के नेतृत्व में शांति की पहल चल रही है। हालांकि अमरीका ने पहले भी युद्ध विराम के लिए पहल की थी, ङ्क्षकतु रूस और यूक्रेन के जिद्द के कारण सहमति नहीं बन सकी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दोनों पक्षों से अपील की थी कि वे वार्ता की मेज पर आकर कूटनीतिक माध्यम से समस्याओं का हल करें। वर्तमान पहल के तहत अमरीका और यूक्रेन ने युद्ध खत्म करने के लिए 20 ङ्क्षबदुओं की शांति योजना पर सहमति बना ली है। हालांकि पूर्वी यूक्रेन के क्षेत्रों पर नियंत्रण और जापोरिजीया परमाणु संयंत्र को लेकर मतभेद बना हुआ है। रूस को यह प्रस्ताव सौंप दिया गया है। शांति पहल की सफलता मास्को के जवाब पर निर्भर करेगी। रूस यूक्रेन युद्ध के लगभग चार साल हो गए, ङ्क्षकतु दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर हमला करने से बाज नहीं आ रहे हैं। वर्तमान मसौदा अमरीका के फ्लोरिडा में अमरीकी और यूक्रेन के राजनयिकों के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद तैयार किया गया है। इससे पहले जर्मनी में यूक्रेन तथा यूरोपीय देशों के बीच बैठक हुई थी, जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई थी। रूस-यूक्रेन युद्ध पर बन रहे शांति प्रस्ताव को लेकर अमरीका और यूरोपीय देशों के बीच पहले से ही मतभेद बना हुआ है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेस्की ने बताया कि प्रस्तावित योजना में सुरक्षा, आॢथक पुनॢनर्माण और  राजनीतिक स्थिरता से जुड़े कई मुद्दे शामिल हैं। यूक्रेन युद्ध विराम के बाद अमरीका तथा पश्चिमी देशों से अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा गारंटी चाहता है। साथ में यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को दोबारा खड़ा करने के लिए भी मदद चाहता है। 20 सूत्री शांति प्रस्ताव में इस मुद्दे पर सहमति बनी है। वर्तमान प्रस्ताव अब तक के सभी प्रस्तावों से अच्छा माना जा रहा है। अब जेलेंस्की ने पहले ही साफ किया है कि वह यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। दूसरी तरफ रूसी राष्ट्रपति पुतिन पूर्वी यूक्रेन के जीते हुए जमीन पर अपना दावा नहीं छोडऩे पर अड़े हुए हैं। वर्तमान में पूर्वी यूक्रेन के लुहांस पर रूस का पूरी तरह कब्जा हो चुका है, जबकि जेपोरिजिया, खेरसान एवं डोनेस्क पर रूसी सेना ने क्रमश: 75, 76 तथा 80 प्रतिशत क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है। रूस इन सभी चारों क्षेत्रों पर कब्जा कर काला सागर पर पूरी तरह नियंत्रण चाहता है। लेकिन जेलेंस्की इसके लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं। कुल मिलाकर इसी मुद्दे पर पेंच फंसा हुआ है। हालांकि रूस तथा यूक्रेन दोनों ही पक्ष वर्तमान शांति प्रस्ताव को रचनात्मक बता रहे हैं। जब रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधि वार्ता की मेज पर बैठेंगे, उस वक्त पता चलेगा कि वार्ता किस दिशा में बढ़ेगी। यूक्रेन के अनुसार पिछले सप्ताह ही रूस ने यूक्रेन पर 2500 हमले किए। इसके जवाब में यूक्रेन ने रूस के एक युद्ध पोत एवं केस्पियन सागर स्थित ड्रिङ्क्षलग सुविधा को नुकसान पहुंचाया। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण कई यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। कुल मिलाकर रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म होना मानवता के पक्ष में है। यूक्रेनी राष्ट्रपति को इस दिशा में सकारात्मक पहल करनी चाहिए।