भारत और जॉर्डन के बीच ऐतिहासिक संबंध रहा है। जॉर्डन हमेशा भारत का समर्थक रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जॉर्डन यात्रा के दौरान गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जॉर्डन के प्रधानमंत्री ने हवाई अड्डे पर आकर उनकी आगवानी की, जबकि जॉर्डन के क्राउन प्रिंस खुद गाड़ी ड्राइव कर मोदी को म्युजियम में ले गए। जॉर्डन का भारत तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार देश है। इंडिया-जॉर्डन बिजनेस फॉरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश बढ़ाने पर बल दिया। मोदी ने कहा कि जॉर्डन केवल व्यापारिक साझेदार ही नहीं है, बल्कि भरोसेमंद सहयोगी भी है। उन्होंने जॉर्डन के कारोबारियों से कहा कि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी अर्थ-व्यवस्था की तरफ बढ़ रहा है। भारत की जीडीपी 8 प्रतिशत से ज्यादा रफ्तार से बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में दोनों देशों के बीच आॢथक सहयोग बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं। जॉर्डन में भारतीय कंपनियां दवाइयों और चिकित्सीय उपकरणों का विनिर्माण कर सकती हंै। इससे जॉर्डन के लोगों को लाभ होगा और देश पश्चिम एशिया और अफ्रीका के लिए विश्वसनीय केंद्र भी बन सकता है। द्विपक्षीय सहयोग के संभावित क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि शुष्क जलवायु में खेती करने का भारत के पास व्यापक अनुभव है। उन्होंने कहा कि हमारा यह अनुभव जॉर्डन में बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है। प्रौद्योगिकी का उपयोग कर उपयुक्त खेती और सूक्ष्म ङ्क्षसचाई जैसे समाधानों पर काम कर सकते हैं। दोनों देश कोल्ड चेन, फूड पार्क और भंडारण सुविधाओं के निर्माण में भी सहयोग कर सकते हैं। अपने तीन दिवसीय यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री जॉर्डन पहुंचे थे। वहां से वे इथोपिया के लिए रवाना हो गए हैं। प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच स्वच्छ ऊर्जा, जल प्रबंधन, संस्कृृति और डिजिटल नवाचार सहित विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार के लिए समझौते हुए हैं। भारत और जॉर्डन द्विपक्षीय संबंधों और मित्रता को बड़ा प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से कई कदम उठाये गए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत के डिजिटल नवाचारों को साझा करने से जॉर्डन को फायदा मिलेगा। जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक में आतंकवाद के सभी रूपों की ङ्क्षनदा की तथा कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देश मिलकर काम करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है। इससे पहले फरवरी 2018 में फिलिस्तीन जाते समय मोदी जॉर्डन से होकर गुजरे थे। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2.8 अरब अमरीकी डॉलर है। जॉर्डन भारत को उर्वरकों विशेष रूप से फॉस्फेट एवं पोटाश का प्रमुख आपूॢतकर्ता भी है। इस अरब देश में 17,500 से अधिक भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं जो वस्त्र, निर्माण और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में कार्यरत हैं। मोदी अरब देशों में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए प्रयासरत हैं। जॉर्डन में दुर्लभ खनिज पदार्थों का भी भंडार है। अरब देशों की तमाम राजनीति के बावजूद जॉर्डन भारत और इजराइल का समर्थक रहा है। भारत सरकार जॉर्डन के माध्यम से अपनी व्यापारिक स्थिति मजबूत करने में जुटी हुई है। जॉर्डन को भी अपने विभिन्न क्षेत्रों में भारत से सहयोग की आशा है।