भाजपा संसदीय बोर्ड ने बिहार के युवा नेता एवं लोक निर्माण मंत्री नितिन नवीन (45) को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण ङ्क्षसह ने इसकी जानकारी दी। नितिन की ताजपोशी भाजपा में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत है। वे पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार पांच बार निर्वाचित हुए हैं। फिलहाल वे बिहार के लोक निर्माण मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद उनका भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। इससे पहले जेपी नड्डा को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। जून 2020 में नड्डा ने पार्टी की कमान संभाली थी। लोकसभा चुनाव को देखते हुए नड्डा का कार्यकाल जून 2024 तक बढ़ा दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर भाजपा के शीर्ष नेताओं ने नितिन नवीन को बधाई देते हुए कहा है कि उनके नेतृत्व में पार्टी और मजबूत होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नितिन को नई ऊर्जा के साथ काम करने वाले मेहनती कार्यकर्ता बताया है। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि नितिन के कार्यकाल में भाजपा संगठन और मजबूत होगा। मंत्री और विधायक के रूप में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। बिहार चुनाव में नितिन के योगदान को देखते हुए उन्हें यह पुरस्कार दिया गया है। बिहार में भाजपा के संस्थापक नेता स्व. नवीन किशोर सिन्हा के पुत्र नितिन नवीन के माध्यम से भाजपा ने जातीय समीकरण साधने की भी कोशिश की है। अगले वर्ष पश्चिम बंगाल तथा असम सहित कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। अगले तीन वर्षों के दौरान देश के 21 राज्यों के विधानसभा के चुनाव होंगे। मिशन पश्चिम बंगाल भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बना हुआ है। नितिन नवीन कायस्थ समाज से आते हैं। पश्चिम बंगाल में कायस्थ समाज की अच्छी-खासी जनसंख्या है। इसको देखते हुए नितिन नवीन ट्रंप कार्ड साबित हो सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी बिहार चुनाव के बाद कहा था कि मां गंगा ने बिहार से बंगाल के लिए रास्ता खोल दिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा का चुनाव भाजपा और टीएमसी दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। उसके बाद अगले वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव भी होने वाला है। उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल का चुनाव परिणाम भाजपा के लिए काफी मायने रखता है। साथ ही भाजपा ने नितिन को कमान सौंपकर यह संकेत दिया है कि पार्टी युवा नेतृत्व को आगे लाने के लिए प्रतिज्ञाबद्ध है। भाजपा अपने किसी नेता को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने से पहले कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में दायित्व सौंपकर परखना चाहती है। नितिन के अध्यक्ष बनने से बिहार में भाजपा की जड़ और मजबूत होगी। संगठन बनाने के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता से भाजपा मजबूत होगी। राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करना होगा। पिछले लोकसभा चुनाव में संगठन में कमजोरी के कारण भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा था। यही कारण है कि पार्टी अपने संगठन को मजबूत बनाने में जुट गई है। बिहार चुनाव ने भाजपा में नया जोश भर दिया है। भाजपा को शिखर पर बनाये रखने की चुनौती नितिन नवीन के सामने है।
भाजपा में बदलाव