जहां पाकिस्तान भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने में लगा है, वहीं अपने देश में भी मचे बवाल को संभाल नहीं पा रहा है। पंजाब को छोड़कर पाकिस्तान के दूसरे राज्यों में विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन चल रहा है। वहां सक्रिय आतंकी समूह पाकिस्तान के लिए भस्मासुर बन गए हैं। पाकिस्तान की जनता महंगाई से त्रस्त है। आवश्यतक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही है। पाक अधिकृृत कश्मीर (पीओके), ङ्क्षसध, खैबर पख्तूनख्वाह और बलूचिस्तान में जनता सड़कों पर उतर कर सरकार और सेना के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। बलूचिस्तान लिबरेशना आर्मी (बीएलए) तथा तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने पाकिस्तानी सेना का जीना हराम कर रखा है। आए दिन इन दोनों आतंकी संगठनों के हमले में पाकिस्तानी सेना के जवान मारे जा रहे हैं। इसके बावजूद पाकिस्तान सबक लेने को तैयार नहीं है। हाल ही में दिल्ली के लाल किला के पास हुए बम विस्फोट में पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी समूहों के हाथ होने की खबर सामने आ रही है। मौलाना मसूद अजहर की बहन की देखरेख में भारत में महिला फिदायिन ग्रुप गठित करने की पहल हो रही है। दिल्ली विस्फोट के बाद गिरफ्तार डॉक्टर शाहिन की स्वीकारोक्ति ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिये हैं। जिस तरह से डॉक्टरों तथा इमामों के नेटवर्क का खुलासा हुआ है, वह गंभीर ङ्क्षचता का विषय है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। जांच के बाद मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई हो रही है। इसी बीच पाकिस्तान की जेल में बंद इमरान खान को लेकर पिछले तीन दिनों से पाकिस्तान में हंगामा मचा हुआ है। ऐसी खबर थी कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हत्या कर दी गई है। काफी हंगामे के बाद 2 दिसंबर को जेल प्रशासन ने इमरान की बहन को उनसे मिलने की इजाजत दी है। बहन का कहना है कि इमरान सही सलामत हैं, ङ्क्षकतु उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। इमरान की पार्टी पीटीआई द्वारा इस्लामाबाद हाई कोर्ट के सामने प्रदर्शन करने के बाद ही प्रशासन ने मिलने की अनुमति दी है। इसी बीच पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसीम मुनीर के पाकिस्तानी सेना के चीफ ऑफ द डिफेंस स्टाफ बनाने को लेकर संशय का वातावरण बना हुआ है। पाकिस्तानी संसद में इस बारे में विधेयक पारित होने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ का अचानक विदेश का दौरा लोगों को संशय में डाल रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शाहबाज आदेश पर हस्ताक्षर करने से बचने के लिए बाहर चले गये हैं। नवाज शरीफ फिर पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, लेकिन सेना इसमें बाधक बनी हुई है। इसको लेकर पाकिस्तान में अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई है। यह सबको मालूम है कि पाकिस्तान में अपरोक्ष रूप से सेना का राज चलता है। वहां की सरकार सेना की कठपुतली बनकर शासन करती है। किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर सेना की अनुमति के बिना कोई फैसला नहीं होता है। पाकिस्तानी सेना तथा वहां की आईएसआई वहां सक्रिय आतंकी संगठनों को हर तरह की सहायता प्रदान करती है। ऑपरेशन ङ्क्षसदूर के दौरान ध्वस्त हुए आतंकी संगठनों के केंद्रों एवं मुख्यालयों की मरम्मत के लिए पाकिस्तानी सरकार द्वारा फंड उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इन सबके खिलाफ भारत सरकार को नजर रखनी होगी। पाकिस्तान भारत के खिलाफ मुस्लिम जगत के देशों को भड़काने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाता रहता है। अब तो वह बांग्लादेश को भी भारत के खिलाफ खड़ा करने की पूरी कोशिश में है। बांग्लादेश में मोहम्मद युनूस की सरकार पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर पूर्वोत्तर क्षेत्र में गड़बड़ी फैलाने की कोशिश में है। भारत के सिलीगुड़ी के पास स्थित चिकेन नेक को काटने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है। भारत सरकार इस मामले से पूरी तरह वाकिफ है। चिकेन नेक की सुरक्षा के लिए आसपास के तीन जगहों पर सेना की छावनी बना दी गई है। आज पाकिस्तान बिल्कुल राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा है। भारत को पूरे मामले में सजग रहना होगा।
पाकिस्तान में बवाल