दिल्ली में हुए विस्फोट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। शुरुआती दौर में ऐसा लग रहा था कि शायद यह विस्फोट आतंकी घटना न हो। जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह साबित हो गया कि दिल्ली विस्फोट आतंकी घटना है जिसके तार पाकिस्तान तथा तुॢकए से जुड़े हुए हैं। जांच में खुलासा होने के बाद देश में फिर से सिंदूर 2.0 की चर्चा तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भूटान की धरती से विश्व समुदाय को स्पष्ट रूप से बता दिया कि दिल्ली विस्फोट के दोषी लोगों के साथ-साथ साजिशकर्ताओं को भी न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। भारत सरकार ने दिल्ली की घटना को आतंकी घटना घोषित करने में कोई जल्दीबाजी नहीं दिखाई। जांच एजेंसियों की पक्की रिपोर्ट आने के बाद ही भारत सरकार ने इस मामले में आधिकारिक बयान दिया है। प्रधानमंत्री ने भूटान से लौटने के तत्काल बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा समिति की बैठक की, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भी सरकार ने दिल्ली की घटना को आतंकी घटना घोषित किया। कनाडा में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमरीकी विदेश मंत्री मार्क रूबियो के साथ भेंट के दौरान दिल्ली धमाके की जांच रिपोर्ट से उनको अवगत कराया। अब अमरीका का भी मानना है कि दिल्ली विस्फोट की घटना आतंकी घटना है। उन्होंने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के काम को भी सराहा। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने डॉक्टरों तथा दूसरे पढ़े-लिखे लोगों को लेकर स्लीपर सेल बनाया है, जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने में लगे हैं। भारत में सुरक्षा एजेंसियों की गहन जांच-पड़ताल के कारण आतंकी संगठन आरडीएक्स की जगह अमोनियम नाइट्रेट जैसे रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल कर रहे हैं। दिल्ली के लाल किला के पास हुए विस्फोट में भी अमोनियम नाइट्रेट के साथ-साथ दूसरे केमिकल पदार्थों का इस्तेमाल किया गया था। डॉ. उमर ही आई-20 कार में विस्फोटक लेकर लाल किले तक पहुंचा था। आतंकियों ने लाल किले के पास विस्फोट के लिए इस्तेमाल किया ताकि देश-दुनिया की नजर पड़े। पहले यह समझा जा रहा था कि लाल किला विस्फोट की तार फरीदाबाद से जुड़ी हुई है, क्योंकि फरीदाबाद से सुरक्षा एजेंसियों ने भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट तथा दूसरे विस्फोटक को बरामद किया था। डॉ. उमर की भी सुरक्षा एजेंसियों को तलाश थी। जांच आगे बढ़ने के साथ ही इसके तार उत्तर प्रदेश, गुजरात तथा जम्मू-कश्मीर तक पहुंच गए। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि इस विस्फोट से जुड़े सभी लोग डॉक्टर हैं। उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद ने खुलासा किया है कि वह जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर की बहन शादिया से जुड़ी हुई है। मौलाना की बहन जिसका पति ऑपरेशन ङ्क्षसदूर में मारा गया था वह जैश की महिला ब्रिगेड को संभाल रही है। इसका मतलब साफ है कि जैश-ए-मोहम्मद फिर से भारत में सक्रिय हो गया है। भारत सरकार ने पहले ही कहा है कि भारत में होने वाली किसी भी आतंकी घटना को युद्ध जैसा माना जाएगा, यानी ऑपरेशन ङ्क्षसदूर 2.0 हो सकता है। भूटान तथा भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्पष्ट घोषणा के बाद पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। भारत ने दिल्ली की घटना के बाद जल्दीबाजी नहीं करते हुए जांच रिपोर्ट का पूरा इंतजार किया। अब भारत पाकिस्तान के साथ-साथ तुॢकए को भी सबक सिखायेगा। दिल्ली की घटना ने भारत सरकार को सुरक्षा-व्यवस्था पर फिर से गौर करने पर मजबूर कर दिया है।
दिल्ली विस्फोट का पाकिस्तानी कनेक्शन