प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के शासनकाल में पहली बार देश की राजधानी दिल्ली में इतना बड़ा धमाका हुआ है। सोमवार की शाम 6.52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास बड़ा कार विस्फोट हुआ, जिसमें 11 लोगों के मरने की खबर है। इस घटना में दो दर्जन लोग घायल हुए हैं। धमका इतना बड़ा था कि आसपास के कई वाहनों में आग लग गई तथा पास के मकानों के खिड़कियों के शीशे टूट गए। इस घटना को जैश ए मोहम्मद से जोड़कर देखा जा रहा है। इस घटना के तार फरीदाबाद मॉड्यूल तथा जम्मू-कश्मीर के पुलवामा से जुड़ रहे हैं। जिस आई-10 कार का इस्तेमाल किया गया था वह पुलवामा के तारिक नामक व्यक्ति का है, जिसे जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ऐसी खबर है कि यह वाहन पिछले कुछ महीनों के दौरान चार लोगों से बिक्री की गई थी। सोमवार को ही सुरक्षा एजेंसियों ने फरीदाबाद में छापा मारकर 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेड बरामद किया था तथा इस सिलसिले में तीन डॉक्टर सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरीदाबाद में ही 360 किलो विस्फोटक जब्त किया गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि उमर मोहम्मद नाम का जो डॉक्टर विस्फोटक से लदा गाड़ी चला रहा था उसकी तलाश फरीदाबाद पुलिस को भी थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना की जांच का जिम्मा राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी है। प्रश्न यह उठता है कि इस घटना के पीछे पाकिस्तान का हाथ है या नहीं। इसकी जांच चल रही है, ङ्क्षकतु ऐसा शक है कि निश्चित रूप से पाकिस्तान इस घटना के पीछे है। अगर पाकिस्तान की संलिप्तता पाई गई तो निश्चित रूप से स्थिति गंभीर हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौके पर कह चुके हैं कि ऑपरेशन ङ्क्षसदूर स्थगित हुआ है, बंद नहीं किया गया है। अगर पाकिस्तान ने दोबारा साजिश करने की कोशिश की तो करारा जवाब मिलेगा। अपनी भूटान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली धमाके का जिक्र करते हुए कहा कि धमाके के साजिशकर्ताओं को बाक्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली की घटना ने सबके मन को व्यथित कर दिया है तथा पूरा देश पीड़ितों के साथ खड़ा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार की सुबह गृह मंत्रालय के अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें स्थिति की समीक्षा की गई। इस घटना के बाद पाकिस्तान में भय का माहौल है। उन लोगों का मानना है कि इस घटना के बाद भारत फिर से पाकिस्तान पर हमला कर सकता है। यही कारण है कि पाकिस्तानी वायु सेना पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पाकिस्तान जैसा पड़ोसी देश साजिश करने से कभी भी बाज आने वाला नहीं है। सुरक्षा एजेंसियों ने श्रीनगर के एक डॉक्टर लॉकर को तोड़कर एके-47 राइफल राइफल बरामद किया था। इसी तरह गुजरात तथा फरीदाबाद में भी छापामारी अभियान चलाया गया था। ऐसी खबर है कि पाकिस्तान ड्रोन के माध्यम से भी हथियार एवं गोला-बारूद पहुंचाता रहता है। आजादी के बाद से ही पाकिस्तान अपनी तरक्की को नजरअंदाज कर केवल भारत को अस्थिर करने में लगा रहता है। यही कारण है कि आज पाकिस्तान कंगाली के दौर से गुजर रहा है। वहां की जनता खाद्य सामग्रियों की किल्लत के कारण त्राहिमाम कर रही है। पाकिस्तान की सरकार तथा सेना को अपनी जनता की कठिनाई की कोई ङ्क्षचता नहीं है। अब वह बांग्लादेश के साथ मिलकर भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ाने में लगा हुआ है। हाल ही में पाकिस्तान के दो शीर्ष सैन्य अधिकारियों का ढाका दौरा इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ बांग्लादेश को भड़काने में लगा है। जो पाकिस्तान बांग्लादेश के लोगों पर इतना अत्याचार किया, उसको मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार तवज्जो दे रही है। पाकिस्तान में आज भी आतंकी संगठन बेरोक-टोक अपनी गतिविधियां चला रहे हैं। वहां की सेना ऐसा आतंकी संगठनों को सहायता और संरक्षण दे रही है। पुलवामा की घटना के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला किया था, जिससे उनको भारी नुकसान हुई थी। लेकिन पाकिस्तान उससे कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। उसकी फितरत में ही आतंकवाद है। भारत को इस घटना को लेकर करारा जवाब देना चाहिए।