बांग्लादेश भारत को तोड़ने के लिए लगातार साजिश रचने में लगा हुआ है। शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में गठित अंतरिम सरकार लगातार भारत विरोधी अभियान में जुटी हुई है। बांग्लादेश पाकिस्तान और चीन के साथ मिलकर साजिश रच रहा है। भारत को पूर्वोत्तर क्षेत्र से जोड़ने वाली चिकेन नेक (सिलीगुड़ी कॉरीडोर) को काटने के लिए पाकिस्तान और चीन का मोहरा बन रही है। फिलहाल बांग्लादेश चिकेन नेक से 16 किलोमीटर दूर स्थित लालमोनिरहाट हवाई पट्टी को तेजी से विकसित करने में लगा हुआ है। यह हवाई पट्टी चीन के इंजीनियरों एवं दूसरे तकनीशियनों की मदद से उन्नत किया जा रहा है। यहां बांग्लादेश लड़ाकू विमान तथा अन्य साजोसामान तैनात करेगा। यूनुस की चीन यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच एक गुप्त समझौता हुआ था जिसके तहत चीन बांग्लादेश को रणनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए हरसंभव सहायता देगा। इधर पाकिस्तानी सेना के शीर्ष अधिकारी लगातार बांग्लादेश के दौरे पर हैं। हाल ही में पाकिस्तानी सेना के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के प्रमुख जनरल शाहिद शमशाद मिर्जा ने बांग्लादेश का दौरा किया था तथा वहां के शीर्ष अधिकारियों से मिलकर आगे की रणनीति तय की थी। इससे पहले पाकिस्तान के नौसेना प्रमुख एडमिरल नावेद अशरफ ने भी वहां की यात्रा पर गए थे। इन दोनों शीर्ष सैन्य अधिकारियों की यात्रा के बाद बांग्लादेश स्थित पाकिस्तानी दूतावास ने वहां की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई का अलग से सेल खोला है। मिर्जा की यात्रा के दौरान वहां के अंतरिम प्रधानमंत्री ने एक पुस्तक भेंट की थी, जिसमें पूर्वोत्तर राज्यों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया। इन सारी घटनाओं ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों को सोचने पर मजबूर कर दिया। मालूम हो कि चिकेन नेक कुछ जगहों पर सिमट कर केवल 22 किलोमीटर चौड़ा रह गया है। आजादी के बाद इतने वर्षों तक लालमोनिरहाट हवाई पट्टी ऐसे पड़ा हुआ है। बांग्लादेश की बढ़ती साजिश को देखते हुए भारतीय सेना भी एक्शन में आ गई है। भारत ने असम के धुबड़ी जिले का बामुनी, बिहार के किशनगंज तथा पश्चिम बंगाल के चोपड़ा में तीन नए आर्मी बेस बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये तीनों क्षेत्र चिकेन नेक के काफी नजदीक हैं। भारत ने चिकेन नेक के आसपास अपने उन्नत लड़ाकू विमानों तथा अन्य साजोसामान को तैनात किया है। भारत का यह कदम हमारी सुरक्षा के लिए काफी अहम है। अब समय आ गया है कि भारत को कड़ा एक्शन लेने की जरूरत है। भारत को स्थिति पर कड़ी नजर रखनी होगी। चीन इस हवाई पट्टी पर अपनी पहुंच बढ़ाकर भारत को परेशान करना चाहता है। यहां चीन के एयर डिफेंस सिस्टम भी लगाये जा रहे हैं। यूनुस के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेश में आतंकियों की दादागिरी चल रही है। वहां रहने वाले ङ्क्षहदू, बौद्ध एवं ईसाई जैसे अल्पसंख्यक लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। यूनुस भारत के साथ गद्दारी करने में लगे हुए हैं, जबकि उनकी निर्वाचित सरकार नहीं है। अब भारत को जवाबी कार्रवाई के तहत बांग्लादेश के श्रीरंगपुर एवं चटगांव जैसे दो चिकेन नेक को काटने के लिए कदम उठाना चाहिए।