भारत और अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार के बीच बढ़ता संबंध रणनीतिक स्तर पर पहुंच गया है। अभारत और अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार के बीच बढ़ता संबंध रणनीतिक स्तर पर पहुंच गया है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की एक सप्ताह की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई रणनीतिक साझेदारियों पर मुहर लगी हैं। अफगानिस्तान अपनी अर्थ-व्यवस्था को सुधारने तथा पाकिस्तानी हमलों से बचाने के लिए भारत का साथ चाहता है। जब दुनिया के देश तालिबानी सरकार के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान को अकेला छोड़ दिया उस वक्त भारत ने मानवीय आधार पर वहां के लिए खाद्य सामग्री एवं दवाओं की नि:शुल्क खेप भेजी। भारत के साथ बढ़ते संबंध को लेकर पाकिस्तान तथा उसका आका अमरीका भी बौखला गया है। पाकिस्तान और अमरीका के बीच लगातार हो रही बैठकें इसका जीता-जागता उदाहरण है। अफगानी विदेश मंत्री ने अपनी भारत यात्रा के दौरान अपने बगराम हवाई अड्डे को फिर से चालू करने के लिए भारत से सहायता मांगी है। मालूम हो कि यह हवाई अड्डा 2001 से 2021 तक अमरीका के कब्जे में था। अमरीका ने यह हवाई अड्डा छोड़ने से पहले इसे पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था। बगराम हवाई अड्डे का काफी रणनीतिक महत्व है। अफगानिस्तान के अनुरोध के बाद भारत ने 48 घंटे के भीतर अपनी वायु सेना के तकनीशियनों तथा अन्य विशेषज्ञों को बगराम हवाई अड्डे पर भेज दिया। भारत ने वहां राडार सिस्टम को चालू किया तथा संचार सेवा बहाल की। भारत वहां बिखरे पड़े अमरीकी हथियारों को चालू करने के अभियान में जुटा हुआ है। बगराम हवाई अड्डे पर पहुंच होने से भारत एक साथ चीन, पाकिस्तान सहित आसपास के कई देशों पर नजर रख सकता है। अमरीका चाहता है कि बगराम हवाई अड्डा फिर से उसके नियंत्रण में आए ताकि रूस और चीन जैसे देशों पर नजर रख सके। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हवाई अड्डे को लेकर अफगानिस्तान तथा भारत को परिणाम भुगतने की धमकी दी है। लेकिन दोनों देश धमकी की परवाह किये बिना आगे बढ़ने का निर्णय ले चुके हैं। ईरान के चाबहार पोर्ट पर पहले से ही भारत का नियंत्रण है। अफगानिस्तान में भारत की उपस्थिति होने से चीन का बीआरआई प्रोजेक्ट प्रभावित हो सकता है। अफगानिस्तान ने भारत को अपने यहां जमीन के अंदर दबे रेयर अर्थ मेटल निकालने के लिए आमंत्रित किया है। इसके बदले भारत से अफगानिस्तान अनाज तथा दवाओं की आपूॢत चाहता है। आज दुनिया में रेयर अर्थ मेटल की काफी मांग है। इलेक्ट्रिक वाहनों, लड़ाकू विमानों, बैट्री तथा मोटर टर्बाइन आदि के निर्माण में रेयर अर्थ मेटल की जरूरत होती है। ऐसा अनुमान है कि अफगानिस्तान में कई रेयर अर्थ मेटल का भंडार है। अभी तक चीन इस मामले में अपना नियंत्रण रखता है। कुल मिलाकर देखा जाए तो भारत और अफगान संबंध को देखकर पाकिस्तान भारी तनाव में है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान तथा बीएलए जैसे अतिवादी संगठनों ने पाकिस्तान सरकार की नींद उड़ा रखी है। आये दिन हो रही घटनाओं ने पाकिस्तानी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। भारत के लिए पाकिस्तान को सबक सिखाने का सुनहरा मौका है।