243 सदस्यीय बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर अभी भी घमासान मचा हुआ है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने हालांकि सीटों के बंटवारे पर अंतिम मुहर लगा दी है, ङ्क्षकतु कुछ मनमाफिक सीटों के लिए अभी भी खींचतान जारी है। सत्ताधारी भाजपा तथा जदयू 101-101 सीटों पर, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा-आर) 29, ङ्क्षहदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) एवं राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) 6-6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हम तथा रालोसपा कम सीट मिलने से नाराज हैं। कई मनमाफिक सीटों के लिए अभी भी जदयू तथा लोजपा-आर के बीच खींचतान जारी है। इस बार चिराग पासवान ने अपनी पार्टी के लिए भाजपा और जदयू के साथ काफी मोल-जोल किया जिसका परिणाम यह हुआ कि लोजपा-आर को 29 सीटें मिल गई। वहीं महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अभी भी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। सीटों को लेकर कांग्रेस तथा वीआईपी द्वारा अड़ियल रुख अपनाने के कारण मामला फंसा हुआ है। जबकि प्रथम चरण के मतदान के लिए नामांकन भरने की अंतिम तिथि 17 अक्तूबर है। महागठबंधन में इस बार झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के शामिल होने से मामला और उलझ गया है। दोनों पाॢटयां कम से कम पांच-पांच सीट से कम लेने को तैयार नहीं हैं। कांग्रेस दबाव की राजनीति अपनाकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले ज्यादा सीट लेना चाहती है। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 70 सीटें मिली थी, जिसमें केवल 19 सीटों पर ही जीत मिली थी। राजद का मानना है कि अगर उनकी पार्टी ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ती तो नतीजा कुछ दूसरा ही होता। वामपंथी दलों के जीत की दर कांग्रेस से बहुत बेहतर रहा था। मुकेश सहनी के नेतृत्व वाली वीआईपी 60 सीटों तथा एक उपमुख्यमंत्री पद की मांग कर रही है जिसे देना राजद के लिए संभव नहीं है। वीआईपी की जिद्द के कारण सीट बंटवारे में समस्या आ रही है। प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा के मामले मेें सबसे आगे चल रही है। जन सुराज पार्टी से राजग और महागठबंधन दोनों को कड़ी चुनौती मिल रही है। इस बार सत्तापक्ष तथा विपक्ष दोनों की तरफ से महिला मतदाताओं को अपनी तरफ खींचने के लिए पुरजोर कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिला मतदाताओं को अपने पाले में लाने के लिए महिला रोजगार योजना के तहत बिहार के 2.7 करोड़ परिवार की महिलाओं के खाते में रोजगार के लिए 10-10 हजार रुपए डलवाए हैं। इसके अलावा 125 यूनिट बिजली की खपत को माफ कर दिया गया है। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में राजग की जीत में महिला मतदाताओं की अहम भूमिका रही है। उस चुनाव में 54.5 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया था जिसमें 37.25 प्रतिशत महिलाओं का वोट राजग के पक्ष में गया था। यही कारण है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव के माई-बहिन योजना के जवाब में महिला रोजगार योजना को लागू कर दिया है। महिला मतदाताओं को लुभाने के लिए दोनों गठबंधनों के बीच होड़ मची है। अगर सीट बंटवारे को जल्द ही अंतिम रूप नहीं दिया गया तो महागठबंधन को नुकसान हो सकता है।
सीट बंटवारे पर घमासान