अमरीका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद भारत अपने व्यापार के लिए लगातार विकल्प की तलाश कर रहा है। अमरीका का निकट सहयोगी तथा नाटो का सदस्य ब्रिटेन द्वारा भारत के साथ व्यापार को बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम यह दर्शाता है कि भारत अब यूरोप तथा अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए कोशिश कर रहा है। ब्रिटेन के साथ जुलाई में मुक्त व्यापार समझौता हुआ था। उस वक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ब्रिटेन की यात्रा पर थे। लगभग चार वर्ष चली वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता संभव हुआ था। पिछले सप्ताह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के. स्टार्मर भारी भरकम व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुंचे थे। उनके प्रतिनिधिमंडल में ब्रिटेन के 125 कंपनियों एवं शिक्षा संस्थानों के सीईओ तथा दूसरे शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सीधे भारत की औद्योगिक नगरी मुंबई पहुंचे थे, जहां उनको गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्टार्मर तथा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के लिए मुंबई पहुचे थे। यूरोपीय यूनियन से अलग होने के बाद ब्रिटेन को अपनी अर्थ व्यवस्था संभालने के लिए भारत जैसे देश के बड़े बाजार की जरूरत थी। अब ब्रिटेन की कंपनियां भारत के साथ व्यापार कर सकेगी, जबकि भारतीय कंपनियां भी ब्रिटेन के बाजार का लाभ उठा सकेंगे। ब्रिटेन के नौ विश्वविद्यालय भारत में अपना कैंपस खोलने पर सहमत हुए हैं। रक्षा के क्षेत्र में भी भारत और ब्रिटेन के बीच कई बड़े समझौते हुए हैं। एक समझौते के तहत भारत के अनुभवी पायलट ब्रिटेन की वायु सेना के पायलटों को प्रशिक्षण देंगे। यह भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब तक ब्रिटेन को वायु सेना के प्रशिक्षण के क्षेत्र का महारथी माना जाता था। विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में भारत और ब्रिटेन मिलकर काम करेंगे तथा तकनीकों को भी साझा करेंगे। एक तरफ जहां अमरीका भारत को सबक सिखाने के लिए टैरिफ लगा रहा है वहीं ब्रिटेन जैसा उसका सहयोगी भारत से समर्थन के लिए बेताब है। यह बात अमरीका को जरूर नागवार गुजरी है। इसका मतलब यह है कि अब यूरोपीय देश अमरीकी नीति से हटकर अपने हित में निर्णय ले रहे हैं। यूरोपीय यूनियन भी भारत के साथ मुक्त व्यापार के लिए बातचीत कर रहा है। भारत यूरोपीय देशों के साथ-साथ रूस, चीन, दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों तथा अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए पहल कर रहा है। भारतीय दवाओं पर अमरीका द्वारा 100 प्रतिशत टैक्स लगाने के बाद चीन तथा रूस ने अपना दरवाजा खोल दिया है। चीन ने भारतीय दवाओं पर लगाये गए 30 प्रतिशत टैक्स को समाप्त कर दिया है। ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते से यूरोप सहित दुनिया के देशों में सकारात्मक संदेश गया है। और दूसरे देश भी भारत के साथ व्यापार बढ़ाने के लिए आगे आएंगे। भारत रक्षा के क्षेत्र में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है। भारत के रक्षा उत्पाद को दुनिया के 85 देशों में निर्यात किया जा रहा है। कुल मिलाकर स्टार्मर की यात्रा से भारत और ब्रिटेन के संबंध काफी प्रगाढ़ हुए हैं जिसका फायदा दोनों देशों को मिलेगा।
भारत-ब्रिटेन संबंध