केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 28 अगस्त को दो दिवसीय दौरे पर गुवाहाटी पहुंचे थे। शाह ने महानगर के खानापाड़ा फील्ड राष्ट्रीय जनतांत्रित गठबंधन के पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन के मंच से वर्ष 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंका। पंचायत प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की विजय यात्रा तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने डॉ. हिमंत विश्वशर्मा सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों से ज्यादा समय में किये गए कामों को जनता के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि असम में विकास और स्थिरता भाजपा की पहचान है। भाजपा सरकार ने जिस तरह आतंकवाद, घुसपैठ और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई है वह जनता के भरोसे की सबसे बड़ी गारंटी है। उन्होंने यह भी वादा किया कि हिमंत सरकार असम को पूर्वोत्तर का सबसे विकसित राज्य बनाएगी। हिमंत सरकार की पीठ थपथपाते हुए उन्होंने कहा कि असम का अगला विधानसभा चुनाव हिमंत के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। एक तरह से शाह ने यह संकेत दे दिया कि राज्य के अगले मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ही होंगे। पंचायत सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल समेत भाजपा के वरिष्ठ नेता और एनडीए के घटक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। पंचायत अधिवेशन के माध्यम से भाजपा ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। शाह सहित सभी नेताओं ने एकजुट होकर कार्यकर्ताओं को 2026 की चुनावी जंग के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।पार्टी के इस आयोजन ने स्पष्ट कर दिया कि 2026 का चुनाव संगठन की जमीनी ताकत और बूथ स्तर की मजबूती पर लड़ा जाएगा। कांग्रेस पर हमला करने में शाह नहीं चूके। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई पर करारा हमला करते हुए कहा कि असम का नेतृत्व बार-बार पाकिस्तान जाने वाले नेता को नहीं सौंपा जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह घुसपैठियों का साथ देती है। हिमंत सरकार द्वारा राज्य की सरकारी एवं वन भूमि से अवैध कब्जा हटाने के हिमंत सरकार के प्रयास पर मुहर लगाते हुए यह संकेत दिया कि अगले विधानसभा चुनाव में घुसपैठ बड़ा मुद्दा हो सकता है। इस मौके पर शाह ने पाकिस्तान के खिलाफ चलाये गए ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की सफलता बताने में नहीं चूके। इस सम्मेलन में लगभग 20 हजार नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों, 15 हजार पंचायत सदस्यों, 1500 ब्लॉक स्तर के सदस्यों, 750 म्युनिसिपल काउंसिलरों और 300 से अधिक जिला परिषद के सदस्यों ने भाग लिया। शाह ने कहा कि लाचित बरफुकन और श्रीमंत शंकरदेव जैसे महापुरुष की महत्ता को भाजपा सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। भाजपा की डबल इंजन सरकार के शासन में बोड़ो समझौता, कार्बी समझौता, आदिवासी समझौता तथा डीएनएलए समझौता तथा अल्फा समझौता हुआ, जिसके माध्यम से 10 हजार से अधिक युवाओं ने मुख्यधारा की ओर प्रस्थान किया। राज्य में निवेश बढ़ा है तथा बेरोजगार लोगों को सरकारी नौकरियां मिली हैं। शाह ने राज्य के पूर्व गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री गोलाप बोरबोरा की जन्म शतवाॢषकी में भाग लेकर यह दर्शाने का प्रयास किया है कि भाजपा के लिए पार्टी की जगह उसका काम महत्वपूर्ण है। भाजपा सरकार को कृृत्रिम बाढ़ की समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। जब अमित शाह गुवाहाटी पहुंचे उस वक्त गुवाहाटी जलमग्न था। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार को इस ओर भी उनका ध्यान आकृृष्ट करना चाहिए था। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार भाजपा को कांग्रेस से बड़ी चुनौती मिलेगी जिससे निपटने के लिए पार्टी को कमर कसनी होगी।
अमित शाह की असम यात्रा