नई दिल्ली : भारतीय मूल के पराग अग्रवाल ट्विटर के सीईओ बन चुके हैं। दुनिया में पराग के साथ भारत की भी वाहवाही हो रही है। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान भी इससे अछूता नहीं है। यहां लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पराग के साथ ही भारत के एजुकेशन सेक्टर की तारीफ कर रहे हैं। इस मामले में एक खास बात है और वो ये है कि पाकिस्तानियों को भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का चार साल पुराना संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में दिया गया भाषण याद आ गया। 2017 में सुषमा ने कहा था कि भारत में चाहे जो सरकार रही हो, उसने विकास पर फोकस किया। हमने आईआईटी और आईआईएम्स बनाए। पाकिस्तान ने आतंकवाद को पाला-पोसा। उसने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) दिए। उल्लेखनीय है कि 37 साल के पराग ट्विटर के सीईओ बने तो स्ट्राइप कंपनी के सीईओ पैट्रिक कोलिसन ने उन्हें बधाई दी। इसके साथ ही कोलिसन ने बहुत पते की बात कही। पैट्रिक ने सोशल मीडिया पर लिखा- गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एडोब, आईबीएम, पालो अल्टो नेटवर्क्स और अब ट्विटर का सीईओ भी एक भारतीय होगा। टेक्नोलॉजी वर्ल्ड में भारत की कामयाबी देखकर बहुत अच्छा लगता है। इससे हमें ये भी पता लगता है कि अमेरिका इमिग्रेंट्स को मौके दे रहा है। पैट्रिक के इस ट्वीट को पाकिस्तानी टेक एक्सपर्ट उमर सैफ ने शेयर करते हुए लिखा- इस फील्ड में कॉम्पिटिशन करें तो बहुत बेहतर होगा। सैफ ने एक अलग पोस्ट में उन भारतीयों के नाम भी बताए, जो इस वक्त दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियों में सीईओ हैं। इसके बाद कई पाकिस्तानियों ने अपने-अपने अकाउंट्स पर रिएक्शन दिए। इसके बाद कुछ पाकिस्तानियों ने सुषमा के हृ में दिए भाषण का वीडियो शेयर किया। एक पाकिस्तानी यूजर ने भारत की पूर्व विदेश मंत्री का वीडियो शेयर करते हुए कहा- आखिर भारत और पाकिस्तान में क्या फर्क है? भारत में जन्म लेने वाले पराग अग्रवाल ट्विटर के सीईओ बन गए हैं। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई की। हमें देखिए। तालिबान ने पाकिस्तान में दहशतगर्दी की ट्रेनिंग ली और अब वो अफगानिस्तान के हुक्मरान बन गए हैं। उल्लेखनीय है कि चार साल पहले अपने भाषण में सुषमा स्वराज ने कहा था कि भारत ने पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद की चुनौतियों का सामना करते हुए भी अपने घरेलू विकास को कभी थमने नहीं दिया। हमारे देश में 70 साल के दौरान कई पार्टियों की सरकारें आईं, हर सरकार ने विकास की रफ्तार जारी रखी।
पराग अग्रवाल की पाकिस्तान में भी वाहवाही