पूर्वांचल प्रहरी संवाददाता

नगरबेड़ाः कामरूप जिले के बोको विधानसभा क्षेत्रांतर्गत वृहत्तर नगरबेड़ा के तीस बिस्तर वाले ग्रामीण अस्पताल के निर्माण के 28 साल बाद भी उद्घाटन नहीं होने से स्थानीय लोगों में कड़ी प्रतिक्रिया है। स्थानीय जागरूक लोगों के अनुसार बोको विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक तथा तत्कालीन राहत व पुनर्वास मंत्री गोपीनाथ दास ने 1993 के 25 नवंबर को नगरबेड़ा के तीस बिस्तर वाले ग्रामीण अस्पताल की आधारशिला रखी थी। इसी कड़ी में 1996 में नगरबेड़ा प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में एक करोड़ रुपए की लागत से अस्पताल के भवन और आवास का निर्माण कार्य पूरा हुआ। इसके बाद भी यह अस्पताल जनता के लिए समर्पित नहीं किए जाने पर स्थानीय लोगों में कड़ी प्रतिक्रिया है। वृहत्तर नगरबेड़ा और इसके समीपवर्ती इलाकों के करीब दो लाख लोगों के अब सिर्फ नगरबेड़ा प्रखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही एक मात्र भरोसा है। लेकिन इसमें पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने के साथ चिकित्सक का अभाव है। आवश्यक तथा बेहतर मापदंड की चिकित्सा सेवा से वंचित नगरबेड़ा, पिजुपाड़ा, जामलाई, विद्यानगर, कल्याणपुर, नाइट, पलाहरटारी, गांधीनगर, कालूबाड़ी, मालंजा, टूपामारी, रंगापानी, मेधीपाड़ा, रंगेश्वरी आदि गांव के साथ बरपेटा जिले के चेंगा और बाघबर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत चर इलाकों के रोगियों को रोजाना इलाज के लिए गुवाहाटी, ग्वालपाड़ा व बरपेटा शहर जाना पड़ता है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री तथा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिवंगत डॉ. भूमिधर बर्मन और तत्कालीन केंद्रीय जलसंसाधन मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री तथा पूर्व सांसद विजया चक्रवर्ती ने उक्त अस्पताल के उद्घाटन का जनता को आश्वासन दिया था। लेकिन वह आश्वासन आश्वासन ही रह गया। परिणामतः निर्माण के बाद भी साल-दर-साल बेकार पड़े रहने के कारण अस्पताल के मूल भवन व आवासों की स्थिति बिगड़ने लगी है। इस मामले में स्थानीय लोगों ने स्थानीय विधायक नंदिता दास, स्वास्थ्य मंत्री केशव महंत, गुवाहाटी संसदीय सीट की सांसद क्विन ओझा के साथ कामरूप जिले के उपायुक्त कैलाश कार्तिक एन और संबंधित अधिकारियों से अस्पताल के शीघ्र उद्घाटन करने की मांग की है। लोगों ने इस मामले में मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप की भी मांग की है।