जहां एक ओर अक्सर वन विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते हैं, वहीं असम के बक्सा वन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्व संग्रहण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित कर सबको चौंका दिया है। विभाग ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए करीब 24 करोड़ 28 लाख रुपये का राजस्व एकत्र किया है, जो कि पिछले वर्ष के 7 करोड़ रुपये की तुलना में तीन गुना से भी अधिक है।

जानकारी के अनुसार, यह राशि शिल-बालू की नीलामी, अवैध खनन तथा लकड़ी की तस्करी पर की गई सख्ती के चलते एकत्रित की गई है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की राजस्व नीति के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

बक्सा के जिला वन अधिकारी (DFO) प्रदीप कुमार भुइंया के नेतृत्व में विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में ईमानदारी और सख्ती से कार्य किया। खासकर हाथी और मानव संघर्ष जैसे ज्वलंत मुद्दों को हल करने में भी उन्होंने काफी सक्रिय भूमिका निभाई है। विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने बताया कि DFO भुइंया ने किसी भी तरह के समझौते के बिना, पूरी प्रतिबद्धता से काम किया है, जिसका नतीजा है यह ऐतिहासिक राजस्व संग्रह।

DFO प्रदीप कुमार भुइंया ने बताया कि आने वाले 2025-26 वित्तीय वर्ष में और भी अधिक राजस्व संग्रह के लिए विभाग पूरी ताकत से कार्य करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी कर चोरी कर वन संपदा की तस्करी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि विभाग को और अधिक सशक्त बनाने के लिए कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि की आवश्यकता है, ताकि कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

बक्सा वन विभाग की यह उपलब्धि न केवल एक प्रेरणा है, बल्कि यह साबित करती है कि ईमानदारी और संकल्प के साथ अगर सरकारी विभाग काम करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं।