पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता डिब्रूगढ़ : डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में 56वें यूनिवर्सिटी वीक का सोमवार को भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने किया। युवाओं और खासकर विश्वविद्यालय के छात्रों के बीच खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयास में केंद्रीय मंत्री के साथ भारतीय ट्रैक और फील्ड की रानी पद्मश्री पुरस्कार विजेता पीटी उषा भी शामिल हुईं। इस दौरान डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के कुलपति जितेन हजारिका, रजिस्ट्रार परमानंद सोनवाल, असम पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड के अध्यक्ष बिकुल डेका, असम ओलंपिक संघ के महासचिव लख्या कोंवर, डिब्रूगढ़ विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष असीम हजारिका, सोनवाल कछारी स्वायत्त परिषद के अध्यक्ष टंकेश्वर सोनवाल, पीजी स्टूडेंट यूनिटी के अध्यक्ष जुगल किशोर गोगोई सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम में अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने वर्सिटी वीक के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों व विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी। साथ ही पीटी उषा का स्वागत करते हुए सर्वानंद सोनोवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि उनका मार्गदर्शन विश्वविद्यालय के खेल बुनियादी ढांचे और समग्र एथलेटिक विकास की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए हमें शिक्षा, संस्कृति, शोध और खेल में उत्कृष्टता हासिल करनी होगी। यह जरूरी है कि हम इन चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करें। एक बार जब हम इनके अनुकूल हो जाएंगे, तो यह निश्चित है कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे। केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में बुद्धिमत्ता, कौशल और दृढ़ता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि जहां आधुनिक प्रगति में प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, वहीं इसे पारंपरिक सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों का पूरक होना चाहिए, जो सम्मान, भक्ति, प्रेम और सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि भाईचारे और एकता की भावना जो हम ओलंपिक और दुनिया भर के अन्य प्रमुख खेल आयोजनों में देखते हैं, वह हमारे जीवन में भी दिखाई देनी चाहिए। डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय अपार प्रतिभाओं का घर है और इसे पोषित करना विश्वविद्यालय के अधिकारियों और छात्र संगठनों की जिम्मेदारी है। जैसे-जैसे हम प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए आगे बढ़ते हैं, हमारे शैक्षणिक संस्थान भविष्य के रोडमैप को आकार देने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि इस विजन की सफल उपलब्धि हमारे विश्वविद्यालयों और स्कूलों को बुनियादी ढांचे के साथ-साथ अकादमिक प्रगति के मामले में विश्व स्तर का बनाने में निहित है। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र के रूप में गर्व व्यक्त करते हुए सोनोवाल ने छात्रों की दृढ़ता और दृढ़ संकल्प की सराहना की तथा कहा कि ऐसे गुण उनकी भविष्य की सफलता सुनिश्चित करेंगे। सोनोवाल ने पीटी उषा की यात्रा को महानता हासिल करने के लिए चुनौतियों पर काबू पाने का एक प्रेरक उदाहरण बताया। वैश्विक शैक्षणिक संस्थानों के साथ तुलना करते हुए उन्होंने हाल ही में पेरिस ओलंपिक से एक प्रेरक तथ्य साझा किया, जहां संयुक्त राज्य अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के छात्रों ने कुल 39 पदक जीते। देश के लिए सम्मान जीतने के लिए ऐसी प्रतिभा बनने के लिए खुद को प्रशिक्षित करना चाहिए।
सर्वानंद सोनोवाल ने डिब्रूगढ़ विवि में विश्वविद्यालय सप्ताह का किया उद्घाटन
