पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : राज्य प्रशासन का हृदय स्वरूप दिसपुर स्थित जनता भवन में पिछले दो सप्ताह से पेपरलेस ई-ऑफिस का कामकाज ठप्प पड़ा है। व्यवहार में 10 फरवरी से ही सभी सरकारी काम ठप्प है। जनता भवन के सूत्रों ने बताया कि असम सचिवालय हैकरों के चंगुल में हो सकता है। न केवल असम सचिवालय बल्कि ई-ऑफिस द्वारा संचालित कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिला सहित कई जिला प्रशासनों के कामकाज भी इसी तरह बंद हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि दिसपुर के जनता भवन स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय सहित सभी विभागों का कामकाज अब करोड़ों रुपए की लागत से पेपरलेस ई-ऑफिस के माध्यम से चलता है। पूर्व मैनुअल प्रणाली यानी मेज पर रखी फाइलों के कागजात देखने और उन पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया पहले ही समाप्त हो चुकी है। ऐसे में परिष्कृत ई-ऑफिस या कंप्यूटर के माध्यम से ऑनलाइन फाइल प्रबंधन प्रणाली बंद हो जाने के कारण राज्य प्रशासन का हृदय स्वरूप सचिवालय के सभी कामकाज पिछले 10 फरवरी से बंद रहे। ई-ऑफिस बंद होने के परिणामस्वरूप विशेष रूप से लंबित न्यायालय मामलों के संबंध में विभागों को विभागीय दस्तावेज प्रस्तुत करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर न्यायालय में आवश्यक तथ्य प्रस्तुत नहीं कर पाने के कारण अब सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी न्यायालय का कोपभाजन हो रहे हैं। इधर 25-26 फरवरी को होने वाला एडवांटेज असम 2.0 की तैयारी भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस संबंध में जनता भवन में ई-ऑफिस के लिए जिम्मेदार एनआईसी और रेलटेल ने कहा कि परिचालन को फिर से स्थिर होने में कुछ समय लगेगा। रेलटेल ने अभी तक यह घोषणा नहीं की है कि ई-ऑफिस प्रणाली कब बहाल होगी।
असम सचिवालय का सर्वर डाउन, कामकाज हुआ ठप
