नई दिल्ली  : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हम्माद अल-सानी के साथ व्यापक बातचीत की। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और लोगों से लोगों के संबंधों पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत-कतर संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की और  इस खतरे से निपटने में सहयोग करने पर सहमति जताई। इस दौरान भारत-कतर के बीच राजनीति, व्यापार और आपसी संबंधों को लेकर कई समझौते हुए। इसके अलावा अगले पांच साल में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 28 अरब अमरीकी डॉलर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई। अगले पांच सालों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने पर भी सहमति बनी। कतर के  अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने भारत में स्मार्ट सिटी, फूड पार्क और बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश करने की बात कही है। भारत ने कतर से ज़्यादा एलएनजी खरीदने का भी फैसला किया है।  प्रधानमंत्री और कतर के अमीर के बीच हुई बैठक में भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते पर भी चर्चा हुई। कतर ने भी इस समझौते में रुचि दिखाई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालात पर भी बात की।  दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की। दोनों पक्षों ने दो समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए - एक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने पर और दूसरा संशोधित दोहरे कराधान बचाव समझौते पर। इसके अलावा आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने, अभिलेखागार प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में संबंधों को आगे बढ़ाने और युवा मामलों तथा खेलों में सहयोग के लिए पांच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर भी किए गए। विदेश मंत्रालय के सचिव अरुण कुमार चटर्जी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि रणनीतिक साझेदारी समझौता द्विपक्षीय संबंधों की वर्तमान स्थिति को रणनीतिक स्तर तक बढ़ाएगा। हम व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा के साथ ही क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मोदी और कतर के अमीर ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 14 अरब डॉलर से दोगुना करके 28 अरब डॉलर करने का लक्ष्य भी तय किया है। पिछले साल मोदी की कतर यात्रा के दौरान भारत ने खाड़ी देश से एलएनजी आयात को 2048 तक 20 साल बढ़ाने के लिए 78 अरब डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। मोदी के निमंत्रण पर कतर के अमीर दो दिवसीय यात्रा पर यहां आए हैं। यह उनकी भारत की दूसरी राजकीय यात्रा है। इससे पहले उन्होंने मार्च 2015 में भारत का दौरा किया था। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को शुरू हुई यात्रा से पहले कहा था कि उनकी यात्रा हमारी मजबूत होती बहुआयामी साझेदारी को और गति प्रदान करेगी। इससे पहले दिन में, कतर के अमीर को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनकी अगवानी की। इस मौके पर मोदी भी मौजूद थे। बाद में, मोदी और अमीर ने हैदराबाद हाउस में कई द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की। भारत और कतर ने मंगलवार को रणनीतिक साझेदारी कायम करने को लेकर एक समझौता भी किया। यहां प्रधानमंत्री मोदी और कतर के अमीर की मौजूदगी में, कतर के प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल सानी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि भारत-कतर, गहरे और पारंपरिक संबंधों को और मजबूत बना रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और कतर के अमीर महामहिम शेख तमीम बिन हम्माद अल-सानी ने आज हैदराबाद हाउस में व्यापक वार्ता की। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, निवेश, नवाचार, प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों पर ध्यान देने और भारत-कतर संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया। उन्होंने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया। विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि भारत और कतर के बीच मित्रता, विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित गहरे ऐतिहासिक संबंध हैं और हाल के वर्षों में, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और लोगों से लोगों के बीच संबंधों समेत दोनों देशों के बीच रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं की मुलाकात के बीच विदेश मंत्रालय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि यह विशेष भारत-कतर साझेदारी के तहत एक बड़ी उपलब्धि है।