पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : असम के इतिहास में पहली बार विधान सभा सत्र गुवाहाटी के बाहर कोकराझार में बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) विधानसभा में आयोजित किया गया। राज्य सरकार ने सोमवार को कोकराझाड़ में असम विधानसभा का बजट सत्र आयोजित कर एक अभूतपूर्व भूमिका निभाई। विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए मंत्री और विधायकगण सोमवार सुबह करीब छह बजे पांच लग्जरी मर्सिडीज बसों में सवार होकर गुवाहाटी से कोकराझाड़ के लिए रवाना हुए। रास्ते में वे नाश्ते के लिए कुछ देर बजाली में रुके। मंत्री, विधायक और अधिकारी-कर्मचारीगण सुबह 11 बजे कोकराझार पहुंचे। इसके बाद बीटीसी परिषद सरकार ने बोड़ो जातीय संस्कृति की पहचान वाले अरोनाई के साथ उनका स्वागत किया। इसके साथ ही उनके स्वागत के लिए विभिन्न जातीय नृत्यों और गीतों का कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें बोड़ो लोगों के पारंपरिक नृत्य, बिहू नृत्य, झुमुर नृत्य, राजवंशी नृत्य और   नेपाली नृत्य शामिल थे। विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी और बीटीसी विधानसभा अध्यक्ष कातिराम बोड़ो ने बोड़ोलैंड प्रांतीय विधानसभा के सामने राष्ट्रीय ध्वज के नीचे राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद ठीक 12 बजे राष्ट्रगान के साथ असम विधानसभा बजट सत्र, 2025 का शुभारंभ किया गया। उल्लेखनीय है कि बीटीसी विधानसभा में पहले से ही 126 विधायकों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। असम विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल लक्षण प्रसाद आचार्य के भाषण के साथ शुरू हुआ।  राज्यपाल लक्षण प्रसाद आचार्य ने 28 मिनट का भाषण दिया। हालांकि राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में बीटीसी के बारे में कुछ नहीं कहा। इस पर विधायक अखिल गोगोई ने बीटीआर के संबंध में क्या योजना बनाई गई है इस पर जानकारी देने की मांग की, लेकिन अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी ने उन्हें जबरन बैठने पर मजबूर कर दिया। राज्यपाल के भाषण के बाद अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करने की घोषणा की। डेढ़ घंटे के विराम के बीच सभी विधायकों ने फोटो सेशन में भाग लिया। बाद में सदन की कार्यवाही पुन: शुरू हुई। कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रतन टाटा और अन्य दिवंगत गणमान्य व्यक्तियों को श्रद्धांजलि दी गई और एक मिनट के मौन रखा गया। बजट सत्र के दूसरे चरण की अध्यक्षता अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी ने की, जिसका विषय था ''असम के छठी अनुसूची क्षेत्रों का सामाजिक और समग्र विकास।  बीपीएफ विधायक रविराम नरजारी ने बीटीसी को सीधे धनराशि जारी करने, बीटीसी को आर्थिक क्षेत्र बनाने, बीटीसी के मुख्य कार्यकारी सदस्य और उप मुख्य कार्यकारी सदस्य को कैबिनेट का दर्जा देने और फकीराग्राम कॉलेज में विज्ञान विभाग शुरू करने की मांग की। बजट सत्र के दूसरे चरण में अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी ने असम के छठी अनुसूची क्षेत्रों का सामाजिक और समग्र विकास'' विषय पर चर्चा की। इसके बाद बीपीएफ विधायक रविराम नार्जारी ने बीटीसी को सीधे धनराशि जारी करने, बीटीसी को आर्थिक क्षेत्र बनाने, बीटीसी के मुख्य कार्यकारी सदस्य और उप मुख्य कार्यकारी सदस्य को कैबिनेट का दर्जा देने और फकीराग्राम कॉलेज में विज्ञान विभाग शुरू करने की मांग की। वहीं दूसरी ओर विधायक अखिल गोगोई ने बीटीआर समझौते की शर्तों को पूरा करने का पुरजोर आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने विधानसभा में हंगामा करने के लिए विधायक की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि विधायक गोगोई की टिप्पणी से कल से बोड़ो भूमि पर एक और आंदोलन भड़क सकता है। गोगोई को हम यहां प्रतीकात्मक रूप से लाए हैं। इसलिए, इससे कोई विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने अखिल गोगोई को दिसपुर में एक लंबा भाषण देने के लिए बुलाया। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि बोड़ो भूमि में अब न सिर्फ शांति स्थापित हुई है, बल्कि विकास की गति भी तेज हुई है उन्होंने कहा कि बीटीआर विकास का प्रतीक है और विभिन्न जातीय समूहों का मिलन स्थल है। उन्होंने कहा कि विधानसभा का बजट सत्र इस संबंध में विशेष भूमिका निभाएगा। विधानसभा के बजट सत्र के बाद कोकराझाड़ से गुवाहाटी लौटते समय मंत्रियों और विधायकों ने बजाली में रात्रि भोज भी किया। मंत्रीगण और विधायकगण जिस उत्साह के साथ वे सुबह बस से कोकराझाड़ गए थे उसी उत्साह के साथ रात को गुवाहाटी लौटे।