पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता

गुवाहाटी, बोंगाईगांव : बंगाईगांव जिले के उपायुक्त कार्यालय सभागार में आज वृहस्पतिवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जो अपने आप में ऐतिहासिक हैं। बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में खुद मुख्यमंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी। सीएम ने बताया कि आज की कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए जिनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाए जाएंगे। सीएम ने कहा कि एनईपी को लागू करने के लिए 1 अप्रैल, 2022 से स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव के साथ एक नया अध्यापन प्रणाली लागू की जाएगी। इस साल हम पाठ्यचर्या को बुनियादी, प्रारंभिक, प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर के चार सेटों में विभाजित करके स्कूली शिक्षा का पुनर्गठन करेंगे जहां किंडरगार्टन से दूसरी कक्षा (पांच वर्ष) तक की प्रारंभिक स्कूली शिक्षा को फाउंडेशन स्तर में शामिल किया जाएगा, वहीं अगले तीन साल प्रारंभिक स्तर के तहत होंगे। इसी तरह अगले तीन साल की स्कूली शिक्षा प्राथमिक स्तर के तहत होगी, जबकि बाद के तीन साल वरिष्ठ माध्यमिक या उच्च विद्यालय स्तर के तहत होंगे। दूसरी ओर असम के सभी सरकारी कर्मचारियों को जनवरी 2021 में अपने माता-पिता से मिलने के लिए चार दिन की छुट्टी मिलेगी। सीएम ने आगे कहा कि ये सिर्फ माता-पिता से मिलने के लिए ही दिए जाएंगे। अपने माता-पिता से दूर जाने वाले कर्मचारियों के पास मिलने का समय होगा या अपने माता-पिता के साथ जाने वाले कर्मचारी छुट्टी पर जा सकते हैं। दूसरी ओर अब सिर्फ स्थानीय निवासियों को असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) और असम सिविल सेवा (एसीएस) की परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। कैबिनेट ने चयन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए परीक्षा से भाषा के पेपर को हटाने सहित अन्य बड़े फैसले भी किए।आमगुड़ी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले एजीपी विधायक प्रदीप हजारिका को कैबिनेट का दर्जा दिया गया। हजारिका अतिक्रमण के तहत विभिन्न सत्रों के क्षेत्रों को मुक्त करने के लिए गठित एक समिति का नेतृत्व करेंगे। राज्य में सत्र भूमि को मुक्त कराने के लिए राज्य मंत्रिपरिषद की ओर से तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। प्रदीप हजारिका इस समिति का नेतृत्व करने को तैयार हैं। इसके अन्य दो सदस्य क्रमशः विधायक मृणाल सैकिया और रूपक शर्मा हैं।  राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन के साथ असम के माध्यमिक बोर्ड (एसईबीए) और असम उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद (एएचएसईसी) कां विलय कर दिया जाएगा। बंगाईगांव में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया। असमिया में इसे बुनियादी स्तर कह सकते हैं। इसी प्रकार बाकी स्तरों में भी बदलाव लाया जाएगा। बंगाईगांव कैबिनेट में मुख्यमंत्री ने जिलावासियों के लिए कई अहम फैसले भी लिए। बंगाईगांव महाविद्यालय को आगामी तीन सालों में विश्वविद्यालय स्तर तक उन्नत किया जाएगा, प्रस्तावित बंगाईगांव चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण कार्य आगामी 4-5 महीनों में शुरू होगा, बंगाईगांव स्टेडियम, इंटीग्रेटेड उपायुक्त के कार्यालय के निर्माण कार्य आदि जल्दी शुरू करने की घोषणा भी की गई।