पूर्वांचल प्रहरी संवाददाता गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने आज श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में असम सिविल सेवा, असम पुलिस सेवा और संबद्ध सेवाओं में 2023 संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के 200 सफल उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इसके अलावा पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग, लोक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग और सांस्कृृतिक मामलों के विभाग में 363 उम्मीदवारों में नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अर्जुन पुरस्कार विजेता और ओलंपियन तीरंदाज जयंत तालुकदार को उप पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया। एक लाख भर्तियों का लक्ष्य हासिल करने के बाद राज्य सरकार अब 1.5 लाख नियुक्तियों के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए आज 564 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित करना एक महत्वपूर्ण कदम है। विशेष रूप से, 2023 संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के सफल उम्मीदवारों में से 43 को कार्मिक विभाग, 35 को गृह और राजनीति विभाग और 96 को वित्त विभाग में नियुक्त किया गया है। इसके अलावा आबकारी और कौशल एवं उद्यमिता विभागों में एक-एक उम्मीदवार की नियुक्ति की गई है, जबकि तीन को पंचायत और ग्रामीण विकास, सहकारिता और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभागों में शामिल किया गया है। आगे की नियुक्तियों में श्रम कल्याण विभाग में चार, शिक्षा (प्राथमिक) विभाग में 11, पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग में 73, लोक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग में 262 और सांस्कृृतिक मामलों के विभाग में 28 नियुक्तियां शामिल हैं। इस अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पारदर्शी भर्ती, कुशल शासन और जनता का विश्वास बढ़ाने के लिए गतिशील प्रशासन की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुशासन एक मजबूत प्रशासनिक ढांचे की आधारशिला है और इसकी अनुपस्थिति हमेशा सामाजिक अस्थिरता और व्यवस्था में विश्वास के क्षरण की ओर ले जाती है। शासन का एक मॉडल स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दशक भर की प्रतिबद्धता को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि इन पहलों ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित किया है, उन्हें अधिक व्यवस्थित बनाया है और सार्वजनिक सेवा वितरण में उल्लेखनीय वृद्धि की है। पिछले साढ़े तीन वर्षों की उपलब्धियों पर विचार करते हुए, डॉ. शर्मा ने सुशासन सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न उपायों को लागू करने में सरकार की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से भर्ती में पारदर्शिता पर जोर दिया और पुष्टि की कि बड़े पैमाने पर नियुक्तियों के बावजूद, अनियमितताओं का कोई आरोप सामने नहीं आया है, न ही किसी मामले को कानूनी रूप से चुनौती दी गई है। इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए, उन्होंने कहा कि असम के भर्ती मॉडल का अब कई राज्यों द्वारा अनुकरण किया जा रहा है।