गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत  विश्वशर्मा और उनके धुर राजनीतिक विरोधी कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बीच लड़ाई में एलिजाबेथ गोगोई एक मोहरा बन गई हैं। सबसे पहले भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने बुधवार को आरोप लगाया कि एलिजाबेथ, जो ब्रिटिश नागरिक हैं और गोगोई की पत्नी हैं के पाकिस्तान और उसकी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) से संबंध हैं।  सीएम हिमंत ने गुरुवार को एक्स पर कई पोस्ट करके इस हमले को और आगे बढ़ाया। गोगोई दंपति का नाम लिए बिना सीएम हिमंत ने कहा कि उन्होंने एक अमरीकी सीनेटर के लिए काम किया था,  जो पाकिस्तानी प्रतिष्ठान के साथ घनिष्ठ संबंधों के लिए जाना जाता था और बाद में उन्होंने पाकिस्तान में कुछ समय बिताया, एक ऐसे संगठन में काम किया, जिसके बारे में व्यापक रूप से माना जाता है कि वह आईएसआई का मुखौटा है। सीएम शर्मा ने बताया कि भारत में पाकिस्तान के तत्कालीन  उच्चायुक्त   शेष पृष्ठ अब्दुल बासित ने 2015 में गोगोई को नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग में भारत-पाकिस्तान संबंधों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने यह भी कहा कि एलिजाबेथ से शादी के बाद गोगोई ने संसद में रक्षा मामलों पर संवेदनशील सवाल उठाए थे, परंतु राजनीति के जानकार सीएम के इन बयानों को उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। कारण कि  असम में अगले साल यानी 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।  ऐसी धारणा है कि 2016 से राज्य में सत्ता में रही भाजपा को ऊपरी असम में गंभीर समस्या है। पार्टी को इसकी भनक तब लगी जब वह पिछले साल के लोकसभा चुनावों में पूरी ताकत झोंकने के बावजूद जोरहाट सीट पर गोगोई को नहीं हरा पाई। गोगोई ने दस विधानसभा क्षेत्रों में से नौ में अपने भाजपा प्रतिद्वंद्वी से अधिक वोट प्राप्त किए थे। भाजपा को डर है कि उनकी जीत विधानसभा चुनावों में ऊपरी असम में कांग्रेस के पक्ष में काम कर सकती है। असम चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन शर्मा ने ऊपरी असम पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए जमीनी कार्य शुरू कर दिया है, जो राज्य की विधानसभा सीटों का एक-चौथाई हिस्सा है। सबसे पहले उन्होंने अहोम समुदाय के पबित्र मार्गेरिटा को विदेश  राज्य मंत्री के रूप में नियुक्त करके अहोम समुदाय को खुश करने की कोशिश की ताकि दूसरे अहोम  गौरव गोगोई का मुकाबला किया जा सके। ऊपरी और उत्तरी असम में आहोम समुदाया की बड़ी आबादी है। पिछले महीने शर्मा ने ऊपरी असम के एक महत्वपूर्ण शहर डिब्रूगढ़ में दूसरे मुख्यमंत्री सचिवालय का उद्घाटन किया। सरकार ने कहा कि वह सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करेगी। हालांकि पर्यवेक्षकों को लगा कि यह मतदाताओं को खुश करने के लिए था। शर्मा और गोगोई लंबे समय से राजनीतिक दुश्मन हैं। गौरव गोगोई की सक्रियता को देखते हुए  सीएम शर्मा पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई से अलग हो गए और 2015 में भाजपा में शामिल हो गए। पर्यवेक्षकों का कहना है कि तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई इसकी वजह थे। गोगोई जूनियर के पार्टी में शामिल होने के बाद कांग्रेस में  शर्मा का प्रभाव कम होने लगा। गौरव गोगोई की मुलाकात एलिजाबेथ से अमरीका में हुई और 2013 में उन्होंने नई दिल्ली में उनसे शादी कर ली। एलिजाबेथ एक ब्रिटिश नागरिक हैं,जो पहले क्लाइमेट एंड डेवलपमेंट नॉलेज नेटवर्क के लिए काम करती थीं। यहां बताते चलें कि भाजपा सदैव विदेशी मूल को लेकर राजनीति करती आ रही है।  सत्ताधारी पार्टी ने कभी सोनिया गांधी को विदेशी मूल का होने पर बुरी तरह से घेरा था, परिणामत: सोनिया गांधी ने मौके मिलने पर भी पीएम का पद स्वीकार नहीं किया। साथ ही ऊपरी असम के लोगों से बातचीत करने से पता चलता है कि वे बेटी या बहू दोनों पर होने वाले किसी आक्षेप को पसंद नहीं करते हैं।