नई दिल्ली : मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। राज्य के सीएम एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी 2025 को इस्तीफा दिया था, जिसके बाद राज्यपाल अजय भल्ला ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की। विधानसभा को भी निलंबित कर दिया गया है। बता दें कि मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा के चलते बीरेन सिंह की लगातार आलोचना हो रही थी। जिसके बाद उन्होंने पिछले सप्ताह अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की घोषणा करते हुए गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मानना है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें इस राज्य की सरकार संविधान के प्रावधानों के अनुसार नहींचल सकती। अब, संविधान के अनुच्छेद 356 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, मैं घोषणा करती हूं कि मैं भारत के राष्ट्रपति के रूप में मणिपुर राज्य सरकार के सभी कार्यों और इस राज्य के राज्यपाल द्वारा निहित या प्रयोग की जाने वाली सभी शक्तियों को अपने अधीन करती हूं। अधिसूचना में कहा गया है कि विधानसभा को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले संबित पात्रा के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की थी। 9 फरवरी को हिंसा से प्रभावित राज्य के मुख्यमंत्री पद से एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद नेतृत्व संकट पैदा हो गया है। राज्य विधानसभा के दो लगातार सत्रों के बीच अधिकतम छह महीने के अंतराल की समाप्ति पर एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि देखते हैं क्या होता है। इससे पहले आज मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और अर्द्धसैनिक बल के अधिकारियों ने आज ही राजभवन में बैठक की थी। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की तैनाती और परिचालन गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। बयान में कहा गया कि मणिपुर और नगालैंड सेक्टर के निवर्तमान महानिरीक्षक (सीआरपीएफ) डॉ. विपुल कुमार और नवनियुक्त महानिरीक्षक राजेंद्र नारायण दाश ने राज्यपाल से मुलाकात की। इसमें कहा गया कि अधिकारियों ने राज्यपाल को क्षेत्र में सीआरपीएफ की तैनाती और परिचालन गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन
