वाशिंगटन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस की यात्रा के बाद अमरीका के लिए रवाना हो चुके हैं जहां उनकी मुलाकात अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होगी। इस दौरान वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और  द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। यह उनकी 10 फरवरी से शुरू हुई दो देशों की यात्रा का दूसरा चरण है। उल्लेखनीय है कि मोदी-ट्रंप की बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि दोनों  देश रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।  प्रधानमंत्री मोदी,राष्ट्रपति ट्रंप के साथ सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर दोनों प्रारूपों में द्विपक्षीय बैठक करेंगे। ट्रंप के 20 जनवरी को शपथ ग्रहण के बाद अमरीका का दौरा करने वाले पहले कुछ नेताओं में शामिल होंगे। कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। विदेश नीति पर नजर रखने वाले संकेत दे रहे हैं कि चर्चा में कुछ संवेदनशील मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, मोदी की यात्रा के दौरान उठाए जाने वाले एजेंडे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा 20 जनवरी को ट्रंप के शपथ ग्रहण के लगभग तीन सप्ताह बाद तथा हाल के दिनों में अमेरिकी नेता द्वारा जारी टैरिफ धमकियों के बीच हो रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने जनवरी के अंत में फ्लोरिडा में एक रिट्रीट में हाउस रिपब्लिकन से कहा था कि अमेरिका उन देशों पर टैरिफ लगाएगा जो अमेरिका को नुकसान पहुंचाते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने चीन को जबरदस्त टैरिफ निर्माता बताया था तथा उसके बाद भारत और ब्राजील का भी इस श्रेणी में नाम लिया था। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब कुछ दिन पहले ही 104 अवैध भारतीय अप्रवासियों को लेकर एक अमरीकी सैन्य विमान पंजाब के अमृतसर में उतरा था, जो अवैध अप्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा निर्वासित भारतीयों का पहला ऐसा जत्था था। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सोमवार को नई दिल्ली में कहा कि जिस तरह से भारतीयों के एक जत्थे को अमेरिका से निर्वासित किया गया, उससे भारत में काफी चिंता, आक्रोश और गुस्सा पैदा हुआ है।