सनातन धर्म में माघ का महीना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी महीने में कुंभ मेले का भी आयोजन होता है। इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि माघ महीने में गंगा स्तोत्र का जाप और गंगा स्तुति करने से व्यक्ति को शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही उस व्यक्ति को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और वह व्यक्ति जीवन-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन गंगा जैसे पवित्र नदियों में स्नान का भी विधान है। इस दिन स्नान करने के बाद दान पुण्य भी करना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन कुछ खास उपाय करने से सालों साल धन की कोई कमी नहीं रहती। साथ ही भगवान विष्णु के और माता लक्ष्मी की भी विशेष कृपा प्राप्त होती है। तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं। दरअसल, अयोध्या के ज्योतिषी पंडित कल्कि राम बताते हैं कि हिंदू पंचांग के अनुसार माघ पूर्णिमा की तिथि की शुरुआत आज यानि 11 फरवरी को शाम 06. 55 बजे से हो रही है और तिथि का समापन 12 फरवरी को शाम 07. 22 पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार माघ पूर्णिमा का पर्व 12 फरवरी यानि कल मनाया जाएगा। इस दिन कुछ खास उपाय करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा भी प्राप्त होती है। माघ पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए। माता लक्ष्मी की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान करना चाहिए फिर माता लक्ष्मी को कमल फूल और नारियल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद महालक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार ऐसा करने से आर्थिक तंगी से मुक्ति मिलती है। माघ पूर्णिमा के दिन सुबह उठकर स्नान करें. इसके बाद पीले रंग के कपड़े में काली हल्दी की 7 गाठें बांध लें. फिर उसे पूजा घर में रख दें और पूजा-अर्चना करें। इसके साथ ही मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु के वैदिक मंत्रों का जाप करें. अगले दिन उस हल्दी की गांठ को तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से घर में कभी पैसों की कमी नहीं होगी। माघ पूर्णिमा के दिन गंगाजल में दूध डालकर पीपल के पेड़ पर अर्पित करना चाहिए।