प्रयागराज : 12 साल बाद संगम नंगरी प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है। प्रशासन इसके लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। 13 जनवरी से प्रारंभ होकर ये मेला 26 फरवरी को सामाप्त होगा। 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा है और इसी वजह से महाकुंभ का पहला शाही स्नान 14 जनवरी को होगा तो वहीं सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 तारीख को होगा जिसकी वजह से मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी। महाकुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु और साधु-संत भाग लेते हैं। यह हर 12 साल में चार प्रमुख तीर्थस्थलों-प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड), उज्जैन (मध्य प्रदेश) और नासिक (महाराष्ट्र) में आयोजित होता है। इन स्थानों पर कुंभ के आयोजन का आधार भारतीय ज्योतिष और धार्मिक परंपराएं हैं। महाकुंभ 2025 में कुल 3 शाही स्नान होने जा रहे हैं, जिसमें से पहला शाही स्नान 14 जनवरी, 2025 मकर संक्रांति के दिन होगा। दूसरा शाही स्नान 29 जनवरी 2025, मौनी अमावस्या पर होगा। आखिरी और तीसरा शाही स्नान 2 फरवरी 2025 बसंत पंचमी के दिन किया जाएगा। शाही स्नान, जिसे राजयोग स्नान भी कहा जाता है, महाकुंभ का सबसे पवित्र और मुख्य आकर्षण है। इस दिन अखाड़ों के संत, साधु और नागा बाबा शाही अंदाज में स्नान करते हैं। इन्हें सबसे पहले स्नान का अधिकार होता है। शाही स्नान विशेष मुहूर्त पर किया जाता है, जिसे धार्मिक रूप से अत्यधिक शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन स्नान करने से अमृत स्नान का फल मिलता है।
महाकुंभ 2025 में 3 दिन होगा शाही स्नान