नई दिल्ली : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) सोमवार की रात दो उपग्रहों को लॉन्च करेगा। इन उपग्रहों का मकसद अंतरिक्ष में जोड़ने और अलग करने (डॉकिंग और अनडॉकिंग) की तकनीक का परीक्षण करना है। जिससे भारत दुनिया का चौथा देश बन जाएगा, जो यह उपलब्धि हासिल करेगा। इस मिशन के तहत इसरो का प्रमुख रॉकेट पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (पीएसएलवी) दो उपग्रहों एसडीएक्स01 और एसडीएक्स02 को 476 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित कक्षा (ऑर्बिट) में स्थापित करेगा। इससके बाद, इन उपग्रहों के माध्यम से     स्पेस डॉकिंग एक्सपरिमेंट(स्पेडेक्स) जनवरी के पहले हफ्ते से किया जाएगा। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, यह मिशन भारत को उन देशों के समूह में शामिल करेगा, जो अंतरिक्ष में डॉकिंग तकनीक को सफलतापूर्वक उपयोग में ला चुके हैं। यह मिशन भारत के भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा, जिसमें चांद से मिट्टी और पत्थरों को धरती पर लाना, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (बीआईएस) बनाना और चांद पर अंतरिक्ष यात्री भेजना शामिल है।