पूर्वांचल प्रहरी संवाददाता बरपेटा : राज्य सरकार ने बरपेटा जिले के जिला आयुक्त रोहन कुमार झा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिला आयुक्त रोहन कुमार झा और बरपेटा जिला परिषद के मुख्य कार्यवाहक अधिकारी (सीईओ) अरूप पाठक के बीच हुए अप्रीतिकर स्थित के संदर्भ में सरकार ने जिला आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिला आयुक्त झा को भेजे कारण बताओ नोटिस के जवाब पर सरकार संतुष्ट नहीं होने से उनके खिलाफ  सरकार अनुशासनात्क कार्रवाई करेगी। दूसरी ओर घटना के सिलसिले में बरपेटा जिला परिषद के कार्यवाहक अधिकारी पाठक को सीईओ पद से विश्वनाथ जिला परिषद के सीईओ के रूप में तबादला किया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि बरपेटा जिला आयुक्त झा ने बरपेटा जिला परिषद में कार्यरत सह अभियंता दिलीप कलिता को सरभोग के चकचका विकास प्रखंड में तबादले का निर्देश दिया था। इस निर्देश में सह अभियंता कलिता को जिला परिषद के कार्यवाहक अभियंता के हाथों जिम्मेदारी सौंपकर जाने का भी आदेश दिया गया था, परंतु जिला परिषद के कार्यवाहक अभियंता छुट्टी पर था। इस कारण से सह अभियंता कलिता को उसकी ड्यूटी से रिहा नहीं कर पाई थी। इसी बात को लेकर जिला आयुक्त ने बीते 29 नवंबर को सीईओ को अपने कार्यालय बुलाया और किस कारण से सह अभियंता का तबादला रोका हुआ है, उसका उत्तेजित होकर जवाब मांगा। सीईओ ने जिला आयुक्त को समझाने की कोशिश की, लेकिन जिला आयुक्त ने सीईओ की एक भी न सुनी और अशोभनीय आचरण किया। जिला आयुक्त झा ने सीईओ पाठक को अपने कक्ष से बाहर कर दिया। यहीं नहीं, जिला आयुक्त ने अपनी कुर्सी से उठकर सीईओ को अपन कमरे से धकेलकर बाहर कर दिया। डर-शर्म के मारे पाठक कार्यालय से निकल आया। उसने रो-रोकर सारी घटनाएं मीडिया में कह डाली। मीडिया में घटना की खबर आने के बाद राज्य सरकार का ध्यानाकर्षण हुआ और प्रधान सचिव मुकेश साहू ने पूरी घटना की जांच की। प्रधान सचिव खुद बरपेटा पहुंचकर दोनों अधिकारियों की गवाही ली और सीसी टीवी फुटेज समेत विभिन्न कागजातों की जांच-पड़ताल की।